दिल्ली सरकार के बिजली विभाग ने संभावना जताई है कि जून के अंत या जुलाई की शुरुआत में राजधानी में बिजली की मांग 8000 मेगावाट तक पहुंच सकती है। ऐसे में दिल्ली में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत ने पीडब्ल्यूडी की विभिन्न परियोजनाओं और बिजली विभाग के 'समर एक्शन प्लान' पर चर्चा की और उनसे जुड़े कार्यों की समीक्षा बैठक की।
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कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत ने दिल्ली में आगामी गर्मियों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए 'समर एक्शन प्लान' का आकलन करने के लिए डिस्कॉम और बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ एक अलग समीक्षा बैठक की। जिसकी अध्यक्षता उन्होंने ही की।
बैठक के दौरान डीटीएल ने बताया कि जून 2022 में दिल्ली में 7,695 मेगावाट तक डिमांड पहुंच गई थी, जबकि 2023 में 8,000 मेगावाट का अनुमान है। यह जून के अंत या जुलाई 2023 की शुरुआत तक पहुंच सकती है।
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बैठक में बॉम्बे सबअर्बन इलेक्ट्रिक सप्लाई (बीएसईएस), राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) और यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल), टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल), दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (डीटीएल) और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।