दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है
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मौसमी दशाओं में सुधार से मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) घटकर 366 पर पहुंच गया। ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम का एक्यूआई दिल्ली के मुकाबले अधिक रहा, जबकि बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, चरखी दादरी, फरीदाबाद, गाजियाबाद, नोएडा का सूचकांक दिल्ली से कम बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया।
सफर का पूर्वानुमान है कि छह दिनों तक दिल्ली का प्रदूषण स्तर बेहद खराब श्रेणी में रहने के आसार हैं। दिल्ली एनसीआर की हवा बहुत खराब से बेहद खराब के बीच बनी रहेगी। आशंका इस बात की भी है कि दिल्ली-एनसीआर के घरे कोहरे के साथ मिलकर प्रदूषक स्मॉग की मोटी चादर बना ले।
भारतीय ऊष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, इस समय दिल्ली-एनसीआर का प्रदूषण स्थानीय रहा। इसकी वजह मौसमी दशाओं का प्रतिकूल होना है। मंगलवार को उत्तर पश्चिमी दिशाओं से हवाएं छह किमी की गति से चली। वहीं, तापमान कम होने से मिक्सिंग हाइट भी 870 मीटर पर रहा। वेंटिलेशन इंडेक्स भी औसत से कम रहा।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार मंगलवार को प्रदूषण स्तर दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा ग्रेटर नोएडा में 392 और गुरुग्राम में 364 दर्ज किया गया। सोमवार को दिल्ली में प्रदूषण स्तर 410 था, लेकिन रात के समय उत्तर पश्चिम से चली धीमी गति की हवाओं से प्रदूषण स्तर में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को सतही स्तर से उत्तर पश्चिम दिशा से हवाओं की गति में तेजी आने की उम्मीद है। सुबह मौसम साफ रहेगी, लेकिन भारी धुंध छाए रहने का अनुमान है।