दिल्ली सरकार नीति को बढ़ावा देने के लिए अगले चार वर्षों में 7,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी। इसमें ईवी खरीदने वालों को प्रोत्साहन देने के लिए 1,500 करोड़ रुपये से अधिक, पुराने पात्र वाहनों की स्क्रैपिंग पर 1,500 करोड़ रुपये से अधिक और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
दिल्ली की नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2026 आज से लागू हो गई है। इस संबंध में दिल्ली सरकार ने राजपत्र अधिसूचना जारी की है। सरकार का दावा है कि नई नीति के जरिये नागरिकों को विभिन्न प्रोत्साहनों, कर छूट और सब्सिडी के रूप में करीब 15 हजार करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए खरीद प्रोत्साहन, स्क्रैपिंग इंसेंटिव, रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट समेत कई नए प्रावधान किए हैं। इस नीति की सबसे खास बात है कि इसके तहत खरीदे गए ईवी तीन वर्ष तक दिल्ली के बाहर नहीं बेचे जा सकेंगे।
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी में प्रदूषण कम करने के लिए सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को पेट्रोल और डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित करना है। इसके लिए सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि बढ़ाई गई है।
चार वर्ष के लिए नीति, सरकार 7,000 करोड़ से अधिक खर्च करेगी
दिल्ली सरकार नीति को बढ़ावा देने के लिए अगले चार वर्षों में 7,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी। इसमें ईवी खरीदने वालों को प्रोत्साहन देने के लिए 1,500 करोड़ रुपये से अधिक, पुराने पात्र वाहनों की स्क्रैपिंग पर 1,500 करोड़ रुपये से अधिक और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट देने से सरकार 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की कर छूट देगी। सरकार का कहना है कि इस निवेश का उद्देश्य ईवी को आम लोगों के लिए अधिक किफायती बनाना और राजधानी में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना है।
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नीति की प्रमुख बातें
एक जनवरी 2027 से नए तिपहिया, हल्के मालवाहक वाहनों का पंजीकरण इलेक्ट्रिक श्रेणी में होगा
एक अप्रैल 2028 से नए दोपहिया वाहनों का पंजीकरण भी ईवी के रूप में किया जाएगा।
सरकार पूरे शहर में 30000 के करीब चार्जिंग नेटवर्क विकसित करेगी।
घरों में ईवी चार्जिंग के लिए अलग बिजली मीटर की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर अधिकतम 30 हजार रुपये, ई-ऑटो पर 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन
एन-1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन पर एक लाख रुपये तक का प्रोत्साहन मिलेगा।
पुरानी दोपहिया गाड़ी स्क्रैप कराने पर 10 हजार रुपये, ऑटो पर 25 हजार रुपये, कार पर एक लाख रुपये मिलेंगे।
एन-1 ट्रक पर 50 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
30 लाख रुपये एक्स-शोरूम कीमत वाले ईवी का रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन माफ रहेगा।