नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुआ हादसा हो या सोमवार सुबह आया भूंकप। दिल्ली के अस्पताल ऐसे किसी आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इन अस्पतालों में 10 से लेकर 70 तक बेड आरक्षित हैं। इनका इस्तेमाल आपदा प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए किया जाता है। इन पर ऑक्सीजन सहित दूसरी सभी जरूरी सुविधाओं को समायोजित किया गया है।
घटना के समय घायल मरीजों की संख्या नहीं बताई गई थी, लेकिन आपदा होने की सूचना जारी की गई। इसमें कितने मरीज प्रभावित हो सकते हैं। उन्हें किस प्रकार की चोट लगी है। चोट की गंभीरता क्या है। यह जाने बिना सभी मरीजों को अस्पताल में शिफ्ट किया गया। अस्पताल में आते ही इन मरीजों का इलाज शुरू हो गया।
रखा जाता है ख्याल
दरअसल, दिल्ली में 26 जनवरी, 15 अगस्त सहित दूसरे बड़े आयोजन, भूंकप सहित दूसरी घटनाओं को देखते हुए लगभग सभी बड़े अस्पतालों में 10 से 70 तक बिस्तर आरक्षित किए गए हैं। इन बिस्तर को अस्पतालों में आपदा प्रबंधन बिस्तर कहते हैं। इन बिस्तर को बनाते समय उपलब्ध जनशक्ति और बुनियादी ढांचे का विशेष ध्यान रखा जाता है। इनमें पर्याप्त कर्मचारियों, संस्थागत संसाधनों और संरचनाओं को नियुक्त किया जाता है। रोजाना इन बिस्तरों की जांच होती है। इनकी मदद से रोग के रोकथाम के लिए तुरंत प्रयास शुरू हो जाते हैं।
आपदा प्रबंधन बिस्तर पर हर सुविधा
लोकनायक अस्पताल में इमरजेंसी विभाग की प्रमुख डॉ. रितु सक्सेना ने बताया कि आपदा से निपटने के लिए अस्पताल में 70 बिस्तर की व्यवस्था की गई हैं। इन बिस्तर पर हर प्रकार की सुविधा है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे में घायल मरीजों के इलाज में बिस्तर की मदद ली गई। उन्होंने कहा कि अस्पताल ऐसे किसी भी हादसे में घायल मरीज को हर संभव इलाज देने के लिए बनाया गया है। इन बिस्तर की रोज जांच होती है।
आपदा से निपटने के लिए आरक्षित किए गए बेड
अस्पताल बिस्तर
लोकनायक 70
सफदरजंग 60
आरएमएल 40
जीटीबी 40
लेडी हार्डिंग 30
एम्स ट्रामा सेंटर 20