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दिल्ली के पर्यावरण मंत्री का दावा,  यमुना होगी साफ और किनारों का करेंगे विकास

Sun, 23 Feb 2020 05:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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पर्यावरण मंत्री गोपाल राय - फोटो : अमर उजाला
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पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषित पानी को साफ करने के साथ यमुना नदी का साफ-सुथरा करके उसके किनारे रिवर फ्रंट का भी विकास करेगी।

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गोपाल राय ने शनिवार को दिल्ली गेट के ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा किया। अधिकारियों ने इस मौके पर उनको दिल्ली के नालों से आ रहे प्रदूषित पानी को शोधित करके यमुना में डालने की प्रक्रिया का प्रजेंटेशन दिया। 

गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली सरकार का पहला लक्ष्य सभी नालों के गंदे पानी को शोधित कर यमुना नदी में डालने का है। साथ ही यमुना किनारे रिवर फ्रंट का विकास भी किया जाएगा। सरकार इसका पूरा खाका तैयार कर रही है। इसके सहारे यमुना नदी को साफ करने पर काम किया जाएगा। राय ने कहा कि दिल्ली की हवा के साथ-साथ पानी भी प्रदूषित है।
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खासतौर से यमुना नदी, जिसका पानी स्नान करने लायक भी नहीं है। इसकी बड़ी वजह यमुना में गिरने वाला नाले का पानी हैं। इसे साफ करने के लिए दिल्ली में करीब 35 एसटीपी लगाए गए हैं। यहां से शोधित होकर पानी नदी में गिराया जाता है।

प्लांट में पानी सफाई के साथ बिजली और खाद का भी उत्पादन
गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली गेट की एसटीपी आधुनिक तकनीक पर आधारित है। इसकी खासियत है कि गंदे नाले के पानी को साफ करने के साथ गैस भी बनती है। इस गैस से बिजली तैयार कर प्लांट चलाया जा रहा है। वहीं, नाले की गंदगी से निकले मलबे से खाद बनती है।

नजफगढ़ व शाहदरा ड्रेन से यमुना होती सबसे ज्यादा गंदी
गोपाल राय ने माना कि यमुना नदी में सबसे ज्यादा गंदा पानी नजफगढ़ व शाहदरा ड्रेन से पहुंचता है। करीब 60 फीसदी गंदा पानी इनसे गुजरता है। दिल्ली सरकार दोनों ड्रेन का जल साफ करने के लिए 6 पैकेज में इंटरसेप्टर सीवर परियोजना (आईएसपी) को लागू कर रही है।

इसके तहत नालों में बहने वाला अपशिष्ट जल प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। प्रोजेक्ट 31 मार्च 2020 तक पूरा हो जाएगा। गोपाल राय ने दावा कि अगले पांच साल में पानी की गुणवत्ता इस स्तर की होगी, जिससे दिल्लीवाले यमुना नदी में स्नान कर सकेंगे।

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