Delhi Pollution Level: एनजीटी के आदेश और दिल्ली सरकार के आग्रह को ठेंगा दिखाते हुए दिल्लीवालों ने दिवाली पर खूब पटाखे चलाए। नतीजा, पहले से खराब दिल्ली की हवा और खराब हो गई और गंभीर स्थित में पहुंच गई। जगह-जगह एक्यूआई बढ़ता चला गया। प्रदूषण नियंत्रण समिति के अनुसार आनंद विहार में 481 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह आईजीआई एयरपोर्ट पर 444, आईटीओ पर 457 और लोधी रोड पर 414 एक्यूआई रिकॉर्ड हुआ।
गोविंदपुरी, कालकाजी, ग्रेटर कैलाश से लेकर इंडिया गेट तक के इलाके में हवा की गुणवत्ता खराब हुई है। पटाखों के प्रदूषण की वजह से कॉलोनियों में धुएं की चादर पसर गई।सड़कों से लेकर कॉलोनियों में पटाखों की अवैध बिक्री हुई व उन्हे जलाया गया। ग्रीन पटाखों की जगह प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों का अधिक प्रयोग हुआ। इसके बाद दिल्ली-एनसीआर में शनिवार को प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया।
आपको बता दें कि नेशनल ग्रीन ट्रायब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली-एनसीआर में 30 नवंबर तक सभी तरह के पटाखों की बिक्री व उपयोग पर प्रतिबंध लगा रखा है। बावजूद इसके दिवाली पर खूब आतिशबाजी हुई।
दिल्ली की हवा को साफ करने और प्रदूषण को कम करने के लिए राजधानी के विभिन्न इलाकों में नगर निगम की गाड़ियां पानी का छिड़काव कर रही हैं। ये गाड़ियां प्रदूषण की अधिकता वाले इलाकों के साथ ही भीड़ भरे बाजारों में भी पानी का छिड़काव कर रही हैं।
इसी क्रम में उत्तरी दिल्ली नगर निगम की ओर से सदर बाजार इलाके में पानी का छिड़काव किया गया। इसे लेकर मेयर जयप्रकाश ने कहा कि प्रदूषण को कम करने की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की है। लेकिन वह सो रही है जबकि हम काम कर रहे हैं।