उधर, ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली बसों, टेम्पो ट्रैवलर को भी छूट दी गई है। इसमें दिव्यांग व्यक्तियों को बीएस-तीन पेट्रोल व बीएस-चार डीजल एलएमवी चलाने की अनुमति है। वहीं, कक्षा पांचवीं तक के स्कूलों को हाइब्रिड मोड में संचालित करने की सलाह दी है। सीएक्यूएम की उप-समिति ने बैठक में देखा कि दिल्ली का औसत एक्यूआई 350 के आंकड़े को पार कर गया है। वहीं, घने कोहरे, कम मिक्सिंग हाइट, परिवर्तनशील हवाओं और प्रतिकूल मौसम संबंधी स्थितियों के कारण इसमें वृद्धि का रुझान दिख रहा है। ऐसे में समिति ने वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोकने के प्रयास में एनसीआर में ग्रेप के चरण तीन को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
ग्रेप तीन के तहत इन कार्य पर रहेगी पाबंदी
-धूल पैदा करने वाली व वायु प्रदूषण फैलाने वाली निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध।
- स्टोन क्रशर का संचालन बंद।
-सभी खनन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर रोक।
-एनसीआर राज्य सरकारें दिल्ली और गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिलों में बीएस तीन पेट्रोल और बीएस चार डीजल एलएमवी (चार पहिया वाहन) के चलने पर सख्त प्रतिबंध लगाएं।
-दिल्ली में पंजीकृत डीजल से चलने वाले मध्यम माल वाहनों (एमजीवी) के बीएस-4 या उससे नीचे के मानक वाले वाहनों पर प्रतिबंध।
-केवल उन वाहनों को छूट रहेगी जो आवश्यक वस्तुओं को ले जा रहे हैं या फिर आवश्यक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
-सरकारें एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में कक्षा पांचवीं तक के छात्रों के लिए हाइब्रिड मोड में कक्षाएं संचालित करने पर भी विचार कर सकती हैं।
-केंद्र व राज्य सरकारें सरकारी विभागों और सिविक एजेंसियों के कार्यालय के समय में बदलाव कर सकती है।
ग्रेप-3 में लोगों के लिए सीएक्यूएम की सलाह
-कम दूरी के लिए साइकिल का करें इस्तेमाल या चलें पैदल।
-संभव होने पर कार पूलिंग का लें सहारा।
-सार्वजनिक परिवहन का करें इस्तेमाल।
-दफ्तर से इजाजत मिलने पर वर्क फ्रॉम होम पर चले जाएं।
- हीटिंग के लिए कोयले और लकड़ी का उपयोग न करें।