दिल्ली एम्स की ओपीडी में अब रोजाना 2 लाख सैंपल की जांच हो सकेगी। 10 फरवरी को शुरू हुए नए ओपीडी ब्लॉक का सोमवार से विस्तार होने जा रहा है। अभी तक इसमें न्यू ओपीडी ब्लॉक में हड्डी रोग, मनोचिकित्सा, मेडिसिन, जीरिएट्रिक मेडिसिन, डर्मेटोलॉजी, एंड्रोक्राइनोलॉजी विभाग की ओपीडी थी, लेकिन अब जांच समेत सात और विभागों को ओपीडी से जोड़ा गया है। यहां डिजिटल स्क्रीन पर मरीज अपना नंबर देखकर डॉक्टर के पास जा सकेंगे।
एम्स के नए ओपीडी में तीन बेसमेंट, एक ग्राउंड फ्लोर और आठ मंजिल है। सबसे निचले बेसमेंट में पार्किंग है, जिसे अस्पताल स्टाफ और मरीजों के लिए आरक्षित रखा गया है। तीनों बेसमेंट में से पहले बेसमेंट में रेडियोलोजी और लैबोरेटरी की सुविधा होगी। नई इमारत में बेसमेंट के अलावा ऊपर के आठ फ्लोर को ओपीडी के लिए रखा गया है। मरीज और एम्स स्टाफ के लिए अलग-अलग दो कैफेटेरिया बनाए गए हैं। सभी फ्लोर पर एक सेमिनार हाल भी बनाया गया है। नई आठ मंजिला इमारत में एक पूरी लैब सिर्फ ओपीडी के लिए होगी। ओपीडी के बाद मरीजों को जांच के लिए भी एक से दूसरी जगह भटकना नहीं पडे़गा।
दूसरे फेस में शुरू हुई डिजिटल स्क्रीन
एम्स की ओपीडी के विस्तार का दूसरा फेस पूरा हो चुका है। यहां ओपीडी में एक डिजिटल स्क्रीन लगाई गई हैं, जहां मरीज का पंजीकरण नंबर आता रहेगा। पर्ची कटवाने के बाद मरीज पंजीकरण काउंटर के सामने अपने नंबर का इंतजार करेंगे। स्क्रीन के नंबर के आधार पर ओपीडी पंजीकरण होगा। इसी आधार पर डॉक्टर बुलाएंगे। इससे लोगों को उनके नंबर के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
ये विभाग भी पहुंचे नई ओपीडी
सोमवार से नई ओपीडी में यूरोलॉजी, एनिस्थिसिया, पल्मोनरी मेडिसिन, रुमेटोलॉजी, हैमोटोलॉजी, रेडियोलॉजी, लेब्रोटरी मेडिसिन और डायग्नोस्टिक की सुविधा शुरू होगी। यूरोलॉजी और एनिस्थिसिया चौथी मंजिल पर हैं। पांचवीं मंजिल पर पल्मोनरी मेडिसिन, रुमेटोलॉजी और हैमोटोलॉजी की ओपीडी होगी, जबकि रेडियोलॉजी व लेब्रोटरी मेडिसिन को बैसमेंट में स्थान मिला है।
कुछ खास बातें
. गेट नंबर एक से न्यू ओपीडी तक जाने के लिए शटल की व्यवस्था।
. बगैर अप्वाइंटमेंट के ए विंग में जाकर कार्ड बनवा सकते हैं मरीज।
. अप्वाइंटमेंट लेने वाले मरीज सी विंग से प्राप्त कर सकते हैं कार्ड।
. पुराने मरीज अप्वाइंटमेंट लेने के बाद सीधे कक्ष तक जा सकते हैं।
. महिला मरीज के लिए ग्राउंड फ्लोर पर अलग से कार्ड बनाने का काउंटर।