सेना से बर्खास्त हवलदार राजस्थान से दिल्ली आकर लोगों के एटीएम कार्ड बदलकर ठग रहा था। आरोपी खुद को राॅबिनहुड बताते हुए गांव के गरीब लोगों की मदद करता था। गांव के लोग भी उसे खूब मान सम्मान देते थे। आरोपी ने करोल बाग में एटीएम बदलकर वारदात अंजाम दी तो पुलिस ने उसे दबोच लिया।
आरोपी की पहचान गांव न्योराना, पाटन, नीम का थाना, राजस्थान निवासी राजेंद्र कुमार मीणा उर्फ एटीएम उर्फ राजू के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से अलग-अलग बैंकों के 192 एटीएम कार्ड के अलावा 24500 रुपये और सोने के कुछ जेवरात बरामद किए हैं। पकड़े जाने से पहले आरोपी 26 वारदात अंजाम दे चुका था। आरोपी की गिरफ्तारी से ठगी के 17 मामले सुलझे हैं।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त एम हर्षवर्धन ने बताया कि 5 मई को करोल बाग थाने में ठगी की शिकायत आई थी। पीड़ित ने बताया कि 16 अप्रैल को किसी ने गफ्फार मार्केट, कराेल बाग में कोटक महिंद्रा बैंक के बूथ में मदद के बहाने एटीएम कार्ड बदल लिया।
इसके बाद खाते से 22 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। करोल बाग थाना प्रभारी दीपक मलिक, एसआई योगेश पुनिया व हवलदार मनोज मलिक व अन्यों की टीम का गठन किया गया। सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान कर ली। बाद में एक सूचना के बाद उसे सीजीएचएस डिस्पेंसरी, करोल बाग से दबोच लिया गया।
14 साल की सेना में नौकरी
पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास से अलग-अलग बैंकों के 192 एटीएम कार्ड बरामद हुए। आरोपी ने बताया कि उसने 14 साल से अधिक सेना में नौकरी की। उसे चोरी व दूसरे अपराधों में शामिल होने से सेना से निकाल दिया गया था। सेना से वापस आने के बाद उसने दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में मदद के बहाने एटीएम कार्ड बदलकर लोगो को ठगना शुरू कर दिया।
ठगी की रकम से वह गांव में गरीब लोगों की मदद करता। यहां तक वह गरीब परिवारों की बेटियों की शादी भी खुद ही करवाता था। इस वजह से गांव के लोग उसे रॉबिनहुड मानते थे। गांव में मशहूर होने के बाद उसने सरपंच का चुनाव लड़ा और जीत गया। अब वह दोबारा सरपंच का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था।