आरे पुरम निवासी मालविका (बाएं) और बुजुर्ग
- फोटो : अमर उजाला
आरके पुरम की मालविका पांडेय ने इंसानियत का पूरा फर्ज निभाते हुए चिराग दिल्ली में रहने वाले संजय को उनका पापा लौटा दिया। संजय के बुजुर्ग पापा बलजीत सिंह पांच दिन से फुटपाथ पर बेसुध पड़े हुए थे। मालविका ने सच्चा कोरोना योद्धा बनते हुए बुजुर्ग को संवारा। पास से लेकर पानी लिया। बुजुर्ग एक बार में पूरी पानी की बोतल पी गए। खाना खिलाया और फिर पुलिस को सूचना दी।
आरके पुरम थानाध्यक्ष राजेश शर्मा ने कई घंटे की मशक्कत के बाद बुजुर्ग को उनके घर पहुंचा दिया। पुलिस अधिकारी कर रहे हैं कि अगर मालविका समय बुजुर्ग पर ध्यान नहीं देती तो शायद बुजुर्ग जिंदा नहीं बचते।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार चिराग दिल्ली में रहने वाले बलजीत सिंह १२ मई को लॉक डाउ में अपने घर से निकले थे। वह रास्ता भटक गए और आरकेपुरम पहुंच गए। वह सेक्टर-चार में स्थित रामजस स्कूल के गेट नंबर-तीन के सामने फुटपाथ पर पड़े हुए थे। मौके से दिनभर काफी लोग गुजरते रहे, पास में लोग भी रहते हैं। मगर किसी ने उन पर ध्यान नहीं दिया।
शाम करीब सात बजे सेक्टर चार में रहने वाली मालविका पांडेय वहां से गुजर रही थी। उन्होंने देखा बुजुर्ग बेसुध पड़े हुए हैं। मालविका ने बुजुर्ग से नाम पूछा तो वह कुछ बोल नहीं पा रहे थे। मालविका ने वहां रहने वाले लोगों से एक बोतल पानी मांगा और बुजुर्ग को पिलाया। बुजुर्ग पूरी बोतल का पानी पी गए। बुजुर्ग के पास जो बोतल थी उसमें पानी नहीं था। मालविका ने पड़ोस में रहने वाले दो लड़कों की सहायता से बुजुर्ग को खाना खिलाया।
इस दौरान आस-पास व वहां रहने वाले लोगों मालविका को कोरोना से संक्रमित व्यक्ति होने की बात कहकर खूब सुनाया। मालविका ने आरके पुरम थाना पुलिस को सूचना दी। थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने हवलदार संदीप को तुरंत मौके पर भेजा। काफी देर तक एंबुलेंस नहीं आई। राजेश कुमार ने आस-पास की थाना पुलिस को सूचना दी। कहीं पता नहीं लगा।
जब दिल्ली पुलिस की जिपनेट पर जाकर देखा तो मालवीय नगर थाने में बुजुर्ग की मिसिंग रिपोर्ट लिखी हुई थी। बुजुर्ग के परिजन मौके पर पहुंचे और मालविका का खूब शुक्रिया अदा किया। संजय ने कहा मालविका ने उसे उसका पापा लौटा दिया। मालविका सिविस सर्विसेज की तैयारी कर रही है। उनके पिता भारत सरकार में बड़े पद पर तैनात हैं।