पूर्व जेएनयू छात्र नेता उमर खालिद ने आज कोर्ट सुनवाई के दौरान यह आरोप लगाया कि दिल्ली हिंसा मामले में हुई उनकी गिरफ्तारी को अवैध रूप से बढ़ाया गया है और वो भी उनके वकीलों को बताए बगैर।
उमर खालिद ने ये बातें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई सुनवाई में चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार के सामने कहीं, जब खजूरी खास इलाके में दंगों की सुनवाई चल रही थी। इस मामले में खालिद की गिरफ्तारी 1 अक्तूबर को हुई थी और तब से ही वह न्यायिक हिरासत में हैं।
खालिद सितंबर में एक अन्य केस में गिरफ्तार हुए थे। तब उन पर सीएए-एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को संगठित करने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगा था, जिसके बाद दंगे भड़के जिसमें 50 से ज्यादा लोगों की जान चली गई।
खालिद की तरफ से पेश वकील सान्या कुमार ने आरोप लगाया कि उमर की गिरफ्तारी की शुरुआत से ही उसके वकीलों को रिमांड एप्लीकेशन की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई है और यह जानकारी भी नहीं दी गई कि उसे किस जज के सामने कब पेश किया जाएगा।
सान्या कुमार ने कहा कि बार-बार मैकेनिकली उसकी रिमांड दी जाती रही। केस डायरी में भी हस्ताक्षर नहीं किए गए, हमें रिमांड एप्लीकेशन भी नहीं दी गई। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 27 नवंबर तय की है। अधिवक्ता त्रिदीप पायस और सान्या कुमार द्वारा डाले गए आवेदन में मांग की गई है कि जांच एजेंसियों और जेल अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि वह खालिद के वकीलों को रिमांड या उसके एक्सटेंशन के लिए डाले जाने वाले आवेदन की कॉपी पहले से मुहैया कराएं।
इस आवेदन में ये भी अनुरोध है कि अदालत पुलिस को भी निर्देश दे कि वह भविष्य में उमर की जब भी पेशी हो तो उसकी सूचना उनके वकीलों को एक दिन पहले दे दें। आवेदन में ये भी अनुरोध किया गया है कि अगली हर सुनवाई में खालिद के वकीलों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए या फिर दैहिक रूप में भाग लेने की अनुमति दे।
उमर की वकील ने कहा कि जब उमर को एक अक्तूबर को कोर्ट के सामने पेश किया गया था तो उसने अनुरोध किया था कि उसके वकीलों को इस बारे में बताया जाए लेकिन उसकी विनती अस्वीकार कर दी गई। पहले उसे तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया। फिर चार अक्तूबर को उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जिसे पहले 18 अक्तूबर फिर 31 अक्तूबर के लिए बढ़ा दिया गया।
खालिद की वकील ने कहा कि उनके बार-बार विनती करने पर भी कि रिमांड पर कार्यवाही कहां होगी और किस जज के सामने होगी, पुलिस ने उन्हें सिर्फ ये बताया कि तीस हजारी कोर्ट में होगी और 11 बजे के करीब होगी। इसके अलावा पुलिस ने हमें कोई जानकारी नहीं दी। इसके बाद कुमार को अदालत से डिटेल मिले।