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Delhi Riots: सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ दायर याचिका खारिज किए जाने की मांग,  जानिए क्या है मामला

Tue, 30 Aug 2022 08:04 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

मांग है कि दिल्ली पुलिस के सदस्यों को एसआईटी से बाहर किया जाए और भाजपा नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए। अजय गौतम द्वारा दायर याचिका में राष्ट्रीय जांच एजेंसी से नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के वित्त पोषण और प्रायोजित करने की जांच करने की मांग की गई है।
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सोनिया गांधी और राहुल गांधी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने सीएए-एनआरसी के विरोध प्रदर्शनों के दौरान दिए गए कथित घृणास्पद भाषणों के लिए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग याचिका पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस नेताओं ने इसे खारिज करने का आग्रह किया है। उन्होंने हाईकोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि विपक्ष के प्रमुख नेता होने के नाते देश के नागरिकों के लिए उनका मौलिक कर्तव्य है कि वे सत्तारूढ़ सरकार द्वारा पेश किए गए बिलों की आलोचना करें। ऐसे में इसे भड़काऊ भाषण नहीं माना जा सकता।

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कांग्रेस नेताओं ने एनजीओ लॉयर्स वॉयस द्वारा दायर एक जनहित याचिका का विरोध करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष अपना जवाब दाखिल किया। याचिका में मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र एसआईटी के गठन की भी मांग की गई है। अदालत ने पहले संबंधित राजनीतिक नेताओं के पक्ष में याचिका दायर करने की अनुमति दी थी। कांग्रेस के दोनों नेताओं ने अदालत से कहा है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 153बी (राष्ट्रीय-एकीकरण के लिए पूर्वाग्रही आरोप) के तहत उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया जा सकता है और उन्हें चुनिंदा तरीके से उठाया गया है। इसके पीछे एक बड़ी साजिश का पता चलता है। .

 
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उन्होंने तर्क रखा कि एक नागरिक को संसद द्वारा पारित विधेयक पर जनहित में एक वास्तविक राय बनाने, धारण करने, व्यक्त करने से रोकने के लिए एक उचित प्रतिबंध नहीं है और उन बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन करता है जिन पर हमारा लोकतंत्र स्थापित है। जमीयत उलमा-ए-हिंद द्वारा दायर याचिकाओं में से एक में एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट या दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल द्वारा मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
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