साजिश के सबूत
कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि अतहर खान की व्हाट्सएप चैट से पहली नजर में साजिश साबित होती है। खान ने शादाब अहमद के आधार पर जमानत मांगी थी, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी थी। हालांकि, कोर्ट ने दोनों मामलों में अंतर पाया। खान की ओर से वकील अर्जुन देवर पेश हुए, जबकि दिल्ली पुलिस का प्रतिनिधित्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू और स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर मधुकर पांडे ने किया।
निचली अदालत का आदेश
खान ने यूएपीए मामले में जमानत से इनकार करने वाले निचली अदालत के 29 जनवरी के आदेश को चुनौती दी थी। निचली कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि खान के खिलाफ प्रथम दृष्टया सबूत मौजूद हैं, जो उन्हें जमानत देने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। हाईकोर्ट ने निचली कोर्ट के इस तर्क से सहमति जताई। यह मामला दिल्ली दंगों से संबंधित कई अन्य मामलों में से एक है, जिनकी जांच जारी है।