कड़कड़डूमा कोर्ट ने वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान हिंसा, आगजनी और सार्वजनिक आदेशों के उल्लंघन के मामले में छह दोषियों को छह महीने से लेकर तीन वर्ष तक कैद की सजा सुनाई है। साथ ही, हर दोषी पर 61 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने कहा कि ऐसी घटनाओं में सजा इतनी कम नहीं होनी चाहिए कि उसका प्रभाव ही खत्म हो जाए। यह मामला खजूरी खास थाना क्षेत्र से संबंधित है। जहां दंगों के दौरान वकील अहमद की दुकान पर हमला किया गया था। भीड़ ने दुकान से सामान निकालकर आग के हवाले कर दिया था।
शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी और जांच के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया। कोर्ट ने हरी ओम गुप्ता, गोरख नाथ, भीम सैनी, कपिल पांडे, रोहित गौतम और बसंत कुमार को सजा सुनाई है।
पिता और बेटे को किया बरी
अदालत ने वहीं दंगा मामले में आरोपी मिठ्ठन सिंह और उसके बेटे जॉनी कुमार को बरी कर दिया। इन्हें खजूरी खास में एक दुकान से लूटपाट और आगजनी के मामले में आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने कहा, अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश करने में नाकाम रहा। कोई गवाह भी उपद्रवियों के भीड़ में दोनों आरोपियों के शामिल होने की पुष्टि नहीं कर पाया। जांच के दौरान एफआईआर में सात शिकायतों को शामिल कर दिया गया था।