हाईकोर्ट ने उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों में आईबी कर्मी की हत्या के दो आरोपियों की जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपी अभियोजन के साथ लुका छिपी खेल रहे हैं।
न्यामूर्ति सुरेश कैत ने कहा इस मामले में नौजवान आईबी अधिकारी की हत्या की गई। केस के तथ्यों व हालात के मद्देनजर अदालत आरोपियों के प्रति नरमी नहीं अपना सकती। हाईकोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई चल रही है और आरोपी अपनी जमानत का आग्रह अदालत से कर सकते हैं।
हाईकोर्ट का ये आदेश दो आरोपियों समीर खान और कासिम की याचिकाओं पर आया है। निचली अदालत ने अक्तूबर 2020 व फरवरी 2021 में इनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। हाईकोर्ट के समक्ष आरोपियों ने कहा कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है। उन्हें इस हत्या से जोड़ने वाला कोई साक्ष्य नहीं है।
वहीं अभियोजन पक्ष ने याचिकाओं का विरोध करते हुए कहा कि ये आरोपी उस भीड़ का हिस्सा थे जिसने तोड़फोड़ की बल्कि उस गुट में भी शामिल जिसने आईबी कर्मी अंकित शर्मा की हत्या की। पोस्टमोर्टम रिपोर्ट के अनुसार अंकित की मौत उसके दिमाग व फेफड़ों में चोटें लगने से हुई थी। उसके शरीर पर चोटों के करीब 52 निशान थे।