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दिल्ली : अस्पताल का डॉक्टर और सिक्योरिटी सुपरवाइजर मिलकर रहे थे रेमडेसिविर की कालाबाजारी

Wed, 05 May 2021 04:21 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने बीएएमएस डॉक्टर व सिक्योरिटी सुपरवाइजर को गिरफ्तार कर पांच रेमडेसिविर इंजेक्शन किए बरामद
  • जरूरतमंद मरीजों के नाम से अस्पताल से लेता था इंजेक्शन डॉक्टर, बाद में उसको 30 से 50 हजार रुपये के बीच बेच देता था आरोपी, छानबीन जारी
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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सोनिया अस्पताल नांगलोई के एक डॉक्टर और सिक्योरिटी सुपरवाइजर को रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोप में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान भजनपुरा निवासी डॉक्टर प्रशांत (30) और सिक्योरिटी सुपरवाइजर कंझावला निवासी अश्चिनी (32) के रूप में हुई है। आरोपी गंभीर मरीजों के लिए अस्पताल से इंजेक्शन लेकर उनकी कालाबाजारी कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों को पास से कुल पांच रेमडेसिविर इंजेक्शन के अलावा 66 हजार रुपये, दो मोबाइल फोन व अन्य सामान बरामद किया है। आरोपी डॉ. प्रशांत बीएएमएस डॉक्टर है और सोनिया अस्पताल में नौकरी करता है। पुलिस पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त राजेश देव ने बताया कि एक मई को उनकी टीम को सूचना मिली थी कि नांगलोई स्थित सोनिया अस्पताल में सिक्योरिटी सुपरवाइजर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहा है। जानकारी जुटाने के बाद पुलिस की टीम को आरोपी की धरपकड़ के लिए लगा दिया गया। इस बीच धीरज नामक सिपाही को नकली ग्राहक बनाकर भेजा गया। 

धीरज ने आरोपीअश्विनी से रेमडेसिविर इंजेक्शन की डिमांड की। एक इंजेक्शन के बदले आरोपी ने 32 हजार रुपये की मांग की। धीरज ने आरोपी को रुपये दिए जिसके बाद अश्विनी ने इंजेक्शन उपलब्ध करा दिया। इशारा मिलते ही पुलिस की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान अश्विनी ने बताया कि इंजेक्शन उसे अस्पताल का ही डॉ. प्रशांत उपलब्ध करवाता है।
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अश्विनी से जानकारी जुटाने के बाद पुलिस की टीम ने आरोपी डॉ.प्रशांत को भी दबोच लिया। उसके पास से चार और इंजेक्शन बरामद हुए। पूछताछ के दौरान डॉ. प्रशांत ने बताया कि वह इंजेक्शन अस्पताल से ही प्राप्त करते हैं। गंभीर मरीजों के नाम पर अस्पताल से इंजेक्शन को ले लिया जाता है। इसके बाद उनको अश्विनी के जरिये ब्लैक मार्केट में बेच दिया जाता है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी पिछले कितने दिनों से इस धंधे से जुड़े हैं। अब तक आरोपी कितने लोगों को इंजेक्शन बेच चुके हैं।
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