दिल्ली में लाल किले पर हुए विस्फोट मामले में विशेष एनआईए अदालत ने शनिवार को आरोप पत्र का संज्ञान लिया है। यह मामला नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किला के पास हुए एक कार विस्फोट से जुड़ा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में कुल 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए हैं।
एनआईए की चार्जशीट पर कोर्ट का संज्ञान
एनआईए ने पहले 12 आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ एक आरोप पत्र दायर किया था। बाद में, दो अन्य आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ एक पूरक आरोप पत्र भी दाखिल किया गया। अदालत द्वारा इन आरोप पत्रों का संज्ञान लेना मामले की न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका अर्थ है कि अदालत ने आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया है।
कोर्ट रूम
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नौ सितंबर को अगली सुनवाई
अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। आरोपियों में से एक, उमर उन नबी, विस्फोट में ही मारा गया था। एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है। इस मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को निर्धारित की गई है। यह सुनवाई मामले की प्रगति और आगे की कार्रवाई तय करने के लिए महत्वपूर्ण होगी।
दिल्ली धमाका मामला
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एनआईए की चार्जशीट में क्या?
एनआईए ने इस मामले में अपनी जांच पूरी कर आरोप पत्र दाखिल किए थे। पहला आरोप पत्र 12 आरोपियों के खिलाफ था। जांच के दौरान मिले नए सबूतों और अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता के आधार पर पूरक आरोप पत्र दायर किया गया। पूरक आरोप पत्र में दो अतिरिक्त आरोपियों को नामजद किया गया है। इन कदमों से जांच एजेंसी ने अपनी विस्तृत पड़ताल प्रस्तुत की है।
लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुआ था धमाका
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लाल किला विस्फोट मामले में हैं मृतक समेत 14 आरोपी
मामले में कुल 14 आरोपी हैं, जिनमें से एक उमर उन नबी विस्फोट स्थल पर ही मारा गया था। एक अन्य आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। शेष आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। विशेष एनआईए अदालत में अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी। इस सुनवाई में मामले की आगे की दिशा तय की जाएगी।