केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दिल्लीवासियों को 1,941 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 और मुकरबा चौक अंडरपास का उद्घाटन किया। इसके साथ ही मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और लोनी रोड अंडरपास के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राजधानी में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना, प्रमुख मार्गों पर दबाव कम करना और विभिन्न क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर करना है।
बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 की सबसे बड़ी तकनीकी खासियत यमुना पर बनाया गया एक्स्ट्रा-डोज्ड डिजाइन का पुल है। इस डिजाइन में पुल के मुख्य गर्डर को ऊपर से केबल के जरिये अतिरिक्त सहारा दिया गया है। यमुना के सक्रिय बहाव वाले हिस्से में लंबे स्पैन रखने से नदी के भीतर पिलर की जरूरत कम रखने में मदद मिलती है। परियोजना की संशोधित लागत 1,635.03 करोड़ रुपये है।
बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 में साइकिल के लिए एक अलग से ट्रैक बनाया गया है। जाम लगने के दौरान भी साइकिल सवार आराम से अपने गंतव्य तक पहुंच जाएंगे। बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 में करीब 3.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर है। हालांकि, लूप का मिला लें तो 4.50 किलोमीटर की यह रोड है। यह मयूर विहार फेज-1 से शुरू होकर सराय काले खां में मौजूदा बारापुला कॉरिडोर से जुड़ रहा है। खास बात यह है कि इस 3.5 किलोमीटर के लंबे एलिवेटेड रोड की मदद से वाहन चालक कुल नौ किलोमीटर का सिग्नल फ्री यात्रा कर सकेंगे। इसके चालू होने से पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली की ओर सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी। मयूर विहार से एम्स तक पीक आवर्स में यात्रा का समय करीब 30-35 मिनट से घटकर लगभग 15 मिनट होने का अनुमान लगाया गया है।
यमुना पर लंबा स्पैन
परियोजना के यमुना हिस्से में एक्स्ट्रा-डोज्ड का इस्तेमाल किया गया है। यहां करीब 125 मीटर के लंबे स्पैन रखे गए हैं। लंबे स्पैन के कारण नदी के बहाव क्षेत्र का इस संरचना पर प्रभाव सीमित करता है। पुल के निर्माण की योजना में यमुना के नदी तल को कम से कम प्रभावित करने पर जोर दिया गया था।
आठ लूप से कई दिशाओं में आवाजाही
तीन लेन वाले एलिवेटेड कॉरिडोर में आठ लूप बनाए गए हैं। चार सराय काले खां और चार मयूर विहार की ओर। इससे अलग-अलग दिशाओं में आने-जाने वाले वाहनों को कनेक्टिविटी मिलेगी। कॉरिडोर में समर्पित साइकिल ट्रैक भी बनाया गया है।
परियोजना के चालू होने से रिंग रोड, डीएनडी फ्लाईवे और एनएच-24 के साथ सराय काले खां क्षेत्र में यातायात दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह सराय काले खां के मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक पहुंच को भी बेहतर करेगा। अधिकारियों के अनुसार कॉरिडोर से रोजाना करीब दो टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी का अनुमान है।
क्या है एक्स्ट्रा-डोज्ड डिजाइन
इस तकनीक में पुल के डेक को ऊपर लगे छोटे पाइलन और उनसे जुड़े केबल अतिरिक्त सहारा देते हैं। इससे लंबे स्पैन तैयार किए जा सकते हैं और सामान्य पुल की तुलना में नदी या सड़क के बीच सपोर्ट की जरूरत कम हो सकती है।
बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 के खुलने से दिल्ली की सड़क कनेक्टिविटी को नया विकल्प मिला है। करीब 3.5 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड कॉरिडोर मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ता है। इसके शुरू होने से दिल्ली-देहरादून, दिल्ली-मेरठ और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के बीच आवागमन आसान होगा। एक एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहन चालक बिना ट्रैफिक सिग्नल और घुमावदार रास्तों से गुजरे दूसरे एक्सप्रेसवे की ओर जा सकेंगे। इससे पूर्वी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से दक्षिणी दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
इस कॉरिडोर का सबसे अधिक फायदा मयूर विहार फेज-1 से आईएनए के बीच सफर करने वालों को मिलेगा। वे बारापुला एलिवेटेड रोड के तीनों चरणों से होते हुए सिग्नल फ्री रास्ते से अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे। इससे निजामुद्दीन और सराय काले खां के व्यस्त मार्गों पर निर्भरता कम हो सकती है।
तीन एक्सप्रेसवे के बीच बनेगा सीधा संपर्क
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: अक्षरधाम तक आने वाले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के वाहन चालकों को अभी निजामुद्दीन की ओर जाना पड़ता है। बारापुला फेज-3 से जुड़ने के बाद वे मयूर विहार फेज-1 से एलिवेटेड कॉरिडोर पर चढ़कर आगे बढ़ सकेंगे। यहां से करीब 500 मीटर की दूरी पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ने का रास्ता मिलेगा।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे: मेरठ की ओर से आने वाले वाहन चालकों को अभी निजामुद्दीन पहुंचना पड़ता है। नए कॉरिडोर के जरिये वे बारापुला के रास्ते दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की ओर जा सकेंगे। इससे पूर्वी दिल्ली और आसपास के इलाकों से दक्षिणी दिल्ली की ओर आवागमन में सुविधा मिल सकती है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे: डीएनडी और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ी सड़कें दक्षिणी दिल्ली और फरीदाबाद की दिशा में आवाजाही के लिए अहम हैं। बारापुला फेज-3 के जुड़ने से इन मार्गों के बीच संपर्क बेहतर होगा और वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्ते मिलेंगे।
तीन लेन का कॉरिडोर, दोनों दिशाओं में आवाजाही की सुविधा
बारापुला फेज-3 को मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां तक बनाया गया है। सराय काले खां की ओर इसका जुड़ाव दो तरफा है। एक ओर यह सीधे बारापुला फेज-1 से जुड़ता है, जबकि दूसरी ओर वाहन रिंग रोड पर भी जा सकेंगे। यहां से बारापुला फेज-1 और फेज-2 के रास्ते एम्स और दक्षिणी दिल्ली की ओर पहुंचा जा सकता है। कॉरिडोर में तीन लेन के साथ अलग-अलग दिशाओं में वाहनों की आवाजाही के लिए लूप बनाए गए हैं। इससे वाहन चालक अपनी मंजिल के अनुसार रास्ता चुन सकेंगे।
इन इलाकों के लोगों को होगा फायदा
सराय काले खां और निजामुद्दीन के आसपास जाम की चुनौती
कॉरिडोर से सराय काले खां, रिंग रोड, डीएनडी फ्लाईवे और एनएच-24 पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है। हालांकि, निजामुद्दीन से महारानी बाग के बीच रिंग रोड के करीब दो किलोमीटर लंबे हिस्से पर जाम की समस्या बनी रह सकती है।
इसकी वजह सराय काले खां में रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस अड्डे, रिंग रोड और अन्य प्रमुख मार्गों से आने वाला ट्रैफिक है। तीनों एक्सप्रेसवे के साथ दिल्ली के अंदरूनी इलाकों से आने वाले वाहनों का दबाव भी इस हिस्से में चुनौती बना रह सकता है।
2014 में मिली थी मंजूरी, लागत 1,635 करोड़ रुपये
बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 परियोजना को वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी और निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था। इसे मूल रूप से 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, जमीन अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरियों और तकनीकी चुनौतियों के कारण निर्माण में देरी हुई। परियोजना की संशोधित लागत करीब 1,635 करोड़ रुपये बताई गई है।
सुगम होगा सफर
दिल्ली की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ और दिल्लीवासियों के सफर को सुगम बनाने के लिए आज 1,941 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। 1,635 करोड़ रुपये की लागत से बना बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 दिल्लीवासियों को समर्पित किया। इससे पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी होगी, जिससे आवागमन सुगम होगा, ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और यात्रा का समय भी बचेगा। साथ ही, मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और लोनी अंडरपास का भी शिलान्यास किया।