पंडालों का निर्माण कार्य अंतिम दौर में पहुंचा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदानों में इन दिनों अयोध्या आकार ले रही है। कहीं अयोध्या के महल जैसा भव्य पंडाल, कहीं मंदिरों की तर्ज पर सजता विशाल परिसर और कहीं हजारों दर्शकों के लिए बड़ी दर्शक दीर्घा तैयार हो रही है। लालकिला, रोहिणी, द्वारका, दिल्ली कैंट समेत दूसरे प्रमुख रामलीला स्थलों पर दिन-रात कारीगर जुटे हैं।
लोहे के ढांचे खड़े हो चुके हैं और अब उन पर सजावट, कपड़ा, विद्युत रोशनी, एलईडी स्क्रीन, साउंड और दर्शक दीर्घा तैयार की जा रही है। 11 अक्तूबर से शुरू होने वाली रामलीलाओं से पहले मैदानों की तस्वीर तेजी से बदल रही है।
समितियां पंडालों को रामायण के अलग-अलग प्रसंगों और अयोध्या की स्थापत्य शैली का रूप देने में जुटी हैं। लालकिला मैदान में लवकुश रामलीला कमेटी का बड़ा पंडाल और दर्शक क्षेत्र तैयार हो रहा है। यहां 11 से 21 अक्तूबर तक करीब 40 फिल्मी कलाकार अलग-अलग भूमिकाओं में नजर आएंगे। द्वारका सेक्टर-10 में थ्रीडी विजुअल और हाईटेक साउंड सिस्टम लगाया जाएगा। सुरक्षा के लिए 102 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी। यहां 120 से अधिक कलाकार हिस्सा लेंगे। रोहिणी के जापानी पार्क में तीन मंजिला ढांचा तैयार किया जा रहा है, जहां बड़ी एलईडी स्क्रीन के जरिये मंचन के दृश्य दिखाए जाएंगे।
रामलीला में पहली बार होगी भजन क्लबिंग
लालकिला मैदान में नव श्री धार्मिक लीला कमेटी की ओर से 11 अक्तूबर को पहली बार भजन क्लबिंग का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य जेन-जी और जेन अल्फा को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से आधुनिक संगीत के माध्यम से जोड़ना है। कार्यक्रम में अनिकेत प्रसन्ना और युक्ति शर्मा प्रस्तुति देंगे। कमेटी के मंत्री प्रकाश बैराठी और महामंत्री जगमोहन गोटेवाला ने कहा कि रामलीला भारतीय सांस्कृतिक और नैतिक विरासत का जीवंत स्वरूप है। भजन क्लबिंग इसी दिशा में किया जा रहा प्रयोग है।