राजधानी में शनिवार तड़के हुई बारिश की वजह से दिन भर लोग ठिठुरते रहे। वहीं, सूर्य देवता और बादलों के बीच लुकाछीपी का खेल चलता रहा। इस वजह से सर्दी अधिक महसूस की गई। आगामी दो दिनों में कड़ाके की ठंड से आंशिक रूप से राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रदेशिक मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी का न्यूनतम तापमान सामान्य के बराबर 7 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं अधिकतम तापमान भी सामान्य के बराबर 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम 5:30 बजे तक राजधानी में 1.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में हवा में नमी का अधिकतम स्तर 100 फीसदी और न्यूनतम 54 फीसदी दर्ज किया गया।
वहीं, लोधी रोड इलाके में 1.2 मिलीमीटर , जफरपुर में एक मिलीमीटर, नजफगढ़ में एक मिलीमीटर और बाकी अन्य इलाकों में आंशिक रूप से बारिश दर्ज की गई। तापमान में अधिक नमी होने की वजह से सफदरजंग में सुबह 201 मीटर के साथ औसत श्रेणी का कोहरा रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर सक्रिय हो गया है। इस वजह से दिल्ली- एनसीआर में बारिश रिकॉर्ड की जा रही है। आगामी दिनों में भी बारिश की संभावना है। इस वजह से न्यूनतम तापमान के 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की भी संभावना बनी हुई है।
गौरतलब है कि नए साल की सुबह पिछले 15 सालों में 1.1 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडी रही थी। वहीं, दृश्यता का स्तर भी 0 मीटर दर्ज किया गया था इससे पहले 8 जनवरी 2006 को न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, अब तक का रिकॉर्ड तापमान जनवरी 1935 में दर्ज किया गया था जबकि पिछले वर्ष जनवरी में न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस रहा था।
मौसम विभाग के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आगामी 6 जनवरी तक न्यूनतम तापमान में वृद्धि देखने को मिलेगी।
हवा गंभीर स्तर पर पहुंची
लगातार दूसरे दिन भी गुरुग्राम को छोड़कर दिल्ली- एनसीआर की हवा गंभीर श्रेणी में रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शनिवार को राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 443 दर्ज किया गया। वहीं, सबसे दम घोंटू हवा गाजियाबाद की रही।
सफर के अनुसार, मौसमी परिस्थितियों की वजह से प्रदूषण बढ़ रहा है हालांकि, अगले दो दिनों में प्रदूषण के बहुत खराब श्रेणी से खराब श्रेणी तक पहुंचने की संभावना बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में प्रदूषण के लिए जिम्मेदार तत्व पीएम10 का स्तर 440 और पीएम 2.5 का स्तर 295 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। दोनों ही गंभीर श्रेणी में रहे जबकि पीएम10 का स्तर 100 से कम और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होना चाहिए।
दिल्ली- एनसीआर के आंकड़े
फरीदाबाद 415
गाजियाबाद 462
ग्रेटर नोएडा 450
गुरुग्राम 336
नोएडा 448