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दिल्ली: पैलेट गन प्रकरण में महीने भर बाद एफआईआर, साहिल के बहाने राहुल ने युवाओं के मुद्दे पर पैदा की हलचल

Sat, 22 Aug 2026 02:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा संदीप वर्मा, नई दिल्ली

सार

शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी संसद मार्ग थाने पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इसके बाद साहिल की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया।
 
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धरने पर राहुल गांधी और शिकायतकर्ता साहिल। - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 20 जुलाई के प्रदर्शन में पैलेट गन से घायल हुए साहिल लोचव की एफआईआर करीब एक माह बाद दर्ज हुई। ठीक होने के बाद साहिल कई बार कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थाने गए, लेकिन शिकायत दर्ज नहीं की गई। शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी संसद मार्ग थाने पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इसके बाद साहिल की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया।

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यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ, जब जंतर-मंतर पर सीजेपी का धरना एक माह से अधिक समय तक चला। पार्टी ने जेन-जी के मुद्दों को लेकर युवाओं का समर्थन जुटाने का दावा किया था। साहिल की शिकायत का मुद्दा उठाकर राहुल गांधी ने अब उसी वर्ग के बीच अपनी राजनीतिक सक्रियता दर्ज कराने की कोशिश की है। दिनभर धरने पर बने रहकर उन्होंने सरकार पर दबाव बनाने के साथ अपने जुझारू तेवर भी दिखाए।

राजनीतिक नजरिए से इसे सीजेपी के प्रदर्शन से अलग अपनी जगह बनाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। साहिल सीजेपी के प्रदर्शन में घायल हुए थे, लेकिन एफआईआर का मुद्दा राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद प्रमुखता में आया। इससे कांग्रेस को युवाओं से जुड़े मुद्दे पर अपनी सक्रियता दिखाने का अवसर मिला है।
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शिकायत दर्ज कराने के लिए सीजेपी के सक्रिय पहल नहीं करने की रही चर्चा
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा रही कि साहिल के घायल होने के बाद उनकी शिकायत दर्ज कराने के लिए सीजेपी ने अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई। राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद एफआईआर दर्ज होने से कांग्रेस को इस मामले को युवाओं के मुद्दे से जोड़ने का राजनीतिक अवसर मिला है। अब देखना होगा कि साहिल प्रकरण का कांग्रेस और राहुल गांधी को दिल्ली या देशभर में कितना राजनीतिक लाभ मिलता है और युवाओं के बीच उनकी स्वीकार्यता पर इसका क्या असर पड़ता है।

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