स्कूल के बाहर फीसबुक दिखाते अभिभावक
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पुलिस के मुताबिक, बल्लीमारान स्थित गली कासिम जान स्थित स्कूल की इस विंग में नर्सरी से 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई होती है। सोमवार सुबह 6:45 बजे नर्सरी और केजी कक्षा की बच्चियों को अभिभावक यहां छोड़ गए।
दोपहर करीब 12:30 बजे वे उन्हें लेने पहुंचे तो पता चला कि 59 बच्चियां अपनी क्लास में नहीं थीं। कर्मचारियों से पूछा गया तो पता चला कि फीस न चुकाने पर स्कूल की एचएम फरह दीबा खान के कहने पर इन बच्चियों को स्कूल के तहखाने में रखा गया है।
परिजनों वहां पहुंचे तो देखा कि बच्चियों को तहखानानुमा कमरे में जमीन पर बिठाया हुआ था। वहां पंखा भी नहीं था। परिजनों का आरोप है कि कमरे की बाहर से कुंडी लगाई हुई थी। भूख व प्यास से चार और पांच साल की सभी बच्चियों की बुरी हालत थी।
परिजनों को देखकर बच्चियां बिलखने लगीं तो गुस्साए परिजनों ने एचएम से बातचीत का प्रयास किया। आरोप है कि उन्होंने स्टाफ से परिजनों को बाहर फिंकवाने की धमकी दी।
एचएम का कहना था कि फीस जमा न करने वाले बच्चों को ही यहां रखा गया था। इसके बाद परिजनों ने खूब हंगामा किया। सूचना पर 1:05 बजे पुलिस पहुंच गई। सोमवार को 16 बच्चियों के परिजनों ने शिकायत पुलिस को दी थी, जो अब 59 पर पहुंच गई है।
स्कूल प्रशासन ने अपनी सफाई में कहा कि जहां बच्चियों को रखा गया था, वह तहखाना नहीं एक्टिविटी रूम है। कमरे में हवा व लाइट की व्यवस्था है। बच्चियों को वहां क्यों रखा गया, इस पर स्कूल प्रशासन कोई जवाब नहीं दे पाया। कुछ परिजनों ने कहा कि उनकी एडवांस फीस जमा था, इसके बावजूद उनकी बच्चियों को भी बंधक बनाकर रखा गया।
परिजनों बोले, दे सकते थे सूचना
बच्चियों के परिजनों का कहना है कि स्कूल प्रशासन को फीस नहीं मिली थी तो उसने परिजनों को जानकारी क्यों नहीं दी। सुबह जब परिजन बच्चियों को ले गए थे तो उन्हें तभी लौटा देना चाहिए था। बच्चियों का नाम भी काटा जा सकता था, लेकिन स्कूल ने ऐसा नहीं किया। बच्चियों को भूखा-प्यासा तहखाने में बंद कर दिया गया। परिजनों ने मांग की है कि स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। हौजकाजी थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।