हमेशा ही विवादों में रहने वाली आम आदमी पार्टी एक नए बवाल में घिरती नजर आ रही है। ये विवाद उसके दफ्तर को लेकर उपजा है।
दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग ने पार्टी को 27 लाख रुपए जुर्माने के तौर पर अदा करने का नोटिस भेजा है। इसकी वजह है कि पार्टी अपना राउज एवेन्यू स्थित दफ्तर तय समय में खाली करने में नाकाम रही है।
आम आदमी पार्टी को यह नोटिस मंगलवार को भेजा गया था। विभाग ने ये नोटिस पार्टी के उस याचिका के जवाब में दिया था जिसमें आप ने अपना कामकाज 206, राउज एवेन्यू वाले पते से ही संचालित करने की गुहार लगाई थी।
यह नोटिस आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पंकज कुमार गुप्ता के नाम से गया था। पीडब्ल्यूडी के डिप्टी सेक्रेटरी देबाशीष बिस्वाल द्वारा लिखे गए नोटिस में लिखा है कि कानून के अंतर्गत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसमें अवैध कब्जे को और बढ़ाया जा सके। इसलिए पार्टी को जुर्माने के तौर पर अवैध कब्जे का किराया चुकाना होगा जो 27 लाख रुपए है।
पिछले साल दिल्ली सरकार ने नियम बनाकर अलॉट किया था दफ्तर
27,27,802 लाख रुपए की जिस रकम को चुकाने के लिए आम आदमी पार्टी से कहा गया है वो 31 मई तक की है। पार्टी को मिले नोटिस में ये भी कहा गया है कि जिस दिन दफ्तर को खाली करेगी उस दिन तक पैसा उसे बाद में चुकाना होगा।
बता दें कि एक अन्य नोटिस में दिल्ली सरकार ने आम आदमी पार्टी के उस प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया है जिसमें पार्टी ने उन्हें अन्य दफ्तर उपलब्ध कराने की बात कही है।
बता दें कि दिल्ली के एलजी अनिल बैजल ने अप्रैल में ही आम आदमी पार्टी के राउज एवेन्यू स्थित दफ्तर का आवंटन रद्द कर दिया था। गौरतलब है कि आप को दफ्तर बनाने के लिए यह बंगला पिछले साल दिल्ली सरकार के कैबिनेट के एक फैसले के बाद मिला था।
दिल्ली के एलजी बैजल ने पहले भी सरकार को लिखे अपने पत्र में बताया था कि उनके पास आम आदमी पार्टी के दफ्तर के आवंटन को रद्द करने का अधिकार है क्योंकि यह नियमों को तोड़कर लिया गया है।
हाल ही लेफ्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल ने मुख्य सचिव को आप की ओर से जनता के पैसे का इस्तेमाल करते हुए विज्ञापनों पर खर्च किए गए 97 करोड़ रुपये वसूल करने का निर्देश दिया था।
शुंगलू समिति ने उठाए थे सवाल
शुंगलू समिति की रिपोर्ट में आम आदमी पार्टी को दफ़्तर आवंटित करने पर सवाल उठाए गए थे। रिपोर्ट में कहा गया था कि ज़मीन दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है, इसलिए वो किसी राजनीतिक दल को दफ़्तर या ज़मीन देने के लिए नीति नहीं बना सकती।
सूत्रों के मुताबिक एलजी ने लोक निर्माण विभाग से इस पर राय मांगी थी। पीडब्ल्यूडी ने इस पर ये राय दी कि नियमों को ताक पर रखकर आम आदमी पार्टी को दफ्तर के लिए जगह दी गई।
दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने आम आदमी पार्टी को नोटिस जारी कर आदेश दिया है कि वह आईटीओ के पास स्थित राउस एवेन्यू के अपने दफ्तर को तुरंत खाली करे और लोक निर्माण विभाग को सौंपे।