-क्विज और पढ़ने की मजेदार गतिविधियों के जरिए करीब 10 लाख बच्चों को भारत के इतिहास, संस्कृति, साहित्य और विज्ञान की समृद्ध परंपराओं से जोड़ने की कोशिश
डीपीएल ने स्कूली बच्चों के लिए ज्ञान बोध नाम का महत्वाकांक्षी प्रोग्राम किया पेश, दिल्ली के कम से कम 1,050 स्कूलों के करीब 10 लाख विद्यार्थियों तक पहुंचना लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
किताबों की दुनिया को डिजिटल दौर से मिलाते हुए दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी (डीपीएल) ने अपनी 75वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई। इस मौके पर सिर्फ जश्न ही नहीं मनाया गया, बल्कि सार्वजनिक पुस्तकालयों को एक नए युग में ले जाने का संकल्प भी दोहराया गया। समारोह में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, दिल्ली सरकार के कला और संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा, दिल्ली लाइब्रेरी बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुमीत भसीन और डीपीएल की महानिदेशक डॉ. प्रिया राय समेत कई लोग मौजूद रहे।
ज्ञान बोध से बच्चों के लिए बड़ा तोहफा यह लाइब्रेरी सिर्फ बड़ों के लिए है, बल्कि बच्चों के लिए भी है। डीपीएल ने स्कूली बच्चों के लिए ज्ञान बोध नाम का एक महत्वाकांक्षी प्रोग्राम पेश किया है। इसका लक्ष्य दिल्ली के कम से कम 1,050 स्कूलों के करीब 10 लाख विद्यार्थियों तक पहुंचना है। क्विज़ और पढ़ने की मजेदार गतिविधियों के जरिये बच्चों को भारत के इतिहास, संस्कृति, साहित्य और विज्ञान की समृद्ध परंपराओं से जोड़ा जाएगा।
डिजिटल डीपीएल 2.0 और ज्ञान रथ के जरिये टेक्नोलॉजी से होगा साक्षात्कार :
पुरानी किताबों की खुशबू के साथ-साथ अब टेक्नोलॉजी की भी महक आएगी। लाइब्रेरी ने डिजिटल डीपीएल 2.0 की शुरुआत की है, जिसके तहत डिजिटल साक्षरता और जिम्मेदार एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा, एक मोबाइल लाइब्रेरी ज्ञान रथ की योजना भी बनाई गई है, जो दूर-दराज के समुदायों तक सीधे किताबें और ज्ञान पहुंचाएगा।
आने वाले दिनों में और भी बड़े प्लान :
डीपीएल के पास आने वाले महीनों के लिए भी बड़ा प्लान है। 12 नवंबर 2026 को नमो रिसोर्स सेंटर और हेरिटेज एंड रेयर बुक्स एग्जीबिशन का आयोजन प्रस्तावित है। इसके अलावा, भारत साहित्य एवं साझा परंपराओं का महोत्सव और रीड दिल्ली-लीड इंडिया, अभियान के जरिये पढ़ने की संस्कृति को और हवा दी जाएगी। वहीं, कार्यक्रम के दौरान ग्रीष्मकालीन शिविर में अहम योगदान देने के लिए 10 स्कूलों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया गया।