वेलकम इलाके में जींस के बड़े कारोबारी को फोन कर तिहाड़ जेल में बंद कुख्यात बदमाश अजीम ने 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। तीन जुलाई को कारोबारी के घर के बाहर फायरिंग की और एक चिट्ठी में एक कारतूस फेंके। चिट्ठी में कहा गया था कि रुपये नहीं दिए तो गोली मार दी जाएगी। पुलिस ने मामला दर्ज किया था। मंगलवार को जिले के स्पेशल स्टाफ ने अजीम के दो गुर्गों सलीम उर्फ आमिर उर्फ टिल्लन (25) और इसरार उर्फ पोपट (34) को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से एक पिस्टल, दो कारतूस, वारदात में इस्तेमाल मोबाइल व एक एसयूवी बरामद की गई है।
पुलिस के मुताबिक, समद (बदला नाम) परिवार के साथ वेलकम इलाके में रहते हैं। इनका गांधी नगर में जींस का बड़ा कारोबार है। कुछ दिन से उनके पास 25 लाख रुपये रंगदारी मांगने के लिए कॉल आ रहे थे। उस समय उन्होंने मामले को नजरअंदाज कर दिया। उधर, 3 जुलाई की रात करीब 1:30 बजे दो नकाबपोश बदमाश समद के घर पहुंचे। हवा में गोली चलाने के बाद उन्होंने घर के बाहर एक चिट्ठी फेंक दी। उसमें एक कारतूस था। चिट्ठी में लिखा था कि अभी तो टॉफी (कारतूस) भेजी है। रुपये नहीं दिए तो जल्द ही टॉफी खिला भी देंगे। घटना के बाद समद बुरी तरह डर गया। उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस और स्पेशल स्टाफ ने छानबीन शुरू की।
इंस्पेक्टर विनय यादव की टीम ने समद को कॉल करने वाले नंबरों की पड़ताल की तो पता चला कि, एक कॉल तिहाड़ जेल के अंदर से और दूसरी मुरादाबाद से की गई थी। मुरादाबाद वाली कॉल सीलमपुर के बदमाश सलीम टिल्लन के नंबर से की गई थी। पुलिस ने सलीम की तलाश में मुरादाबाद, संभल और नैनीताल आदि जगहों पर छापेमारी की। सलीम व उसके साथी इसरार को दिल्ली से दबोचा गया। उन्होंने बताया कि अजीम के कहने पर ही समद के घर गोली चलाकर चिट्ठी डाली गई थी। पुलिस ने कॉल की सूचना तिहाड़ जेल प्रशासन को दी है।