दिल्ली में प्रदूषण को लेकर हंगामा ज्यादा है। जबकि दिल्ली के प्रदूषण का पूरा समाधान है। लेकिन वैसा कर के, जो हम कर सकते हैं। वो करके नहीं, जो हम नहीं कर सकते। दिल्ली की आबादी घटाना मुमकिन नहीं है, शहर में वाहन भी नहीं घटाए जा सकते, फैक्ट्रियों को भी बंद करना संभव नहीं है। दिल्ली में भारी संख्या में पौधरोपण करना ही इसका एकमात्र समाधान है। अमर उजाला से खास बातचीत के दौरान मयूर विहार में रह रहे हरियाली क्रांति के पुरोधा स्वामी प्रेम परिवर्तन जैन (पीपल बाबा) ने यह बातें कहीं।
स्वामी प्रेम परिवर्तन जैन ने 11 वर्ष की आयु से पौधरोपण को अपने जीवन का एकमात्र लक्ष्य बनाया। जिनके सानिध्य में अबतक देशभर में 18 राज्यों के 202 जिलों में 2 करोड़ 25 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। केवल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ही उन के माध्यम से 14 लाख पौधे लगाए गए हैं। जिनमें मुख्यत: नीम, पीपल, पिलखन और शीशम के पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने सर्वाधिक पीपल के पौधे लगाए हैं, इसलिए उनका नाम पीपल बाबा पड़ गया। वह अपने द्वारा लगाए गए पौधों का उनके नाम के साथ गणना (जियो मैपिंग) करा रहे हैं। ताकि इसका डाटा बनाकर वह सरकार को भेज सकें और बता सकें कि हरियाली क्रांति के लिए ऐसे प्रयास संभव हैं।
दिल्ली का प्रदूषण 3 साल में खत्म हो जाएगा
प्रेम परिवर्तन जैन ने कहा कि सरकार मानती है दिल्ली में 20 प्रतिशत हरित क्षेत्र है। जबकि सैटेलाइट इमेज की बात करें तो यह केवल 8.4 प्रतिशत है। दो करोड़ दिल्ली वासियों को प्रदूषण के राक्षस से बचाने के लिए इसे कम से कम 40 प्रतिशत होना जरूरी है। इसके लिए दिल्ली के बाहर पेड़ों की दीवार घड़ी की जा सकती है। दिल्ली के दक्षिणी पश्चिमी क्षेत्र में ऐसा करना बेहद जरूरी है। ऐसा करने से राजस्थान से दिल्ली आने वाला प्रदूषण सीमा पर अवशोषित हो जाएगा। गर्मी में भी दिल्ली की शीतलता बरकरार रहेगी। दिल्ली सरकार के पास हजारों करोड़ रुपया ग्रीन टैक्स के रूप में जमा है। वह पैसा दिल्ली में हरित क्षेत्र विकसित करने के लिए खर्च किया जाता है। दिल्ली में हरित क्षेत्र विकसित होगा तभी यहां साल भर बारिश होगी। जिससे दिल्ली की कालिख खुद ब खुद धुल जाएगी। आसमान हमेशा साफ और नीला दिखाई देगा।
मास्टर प्लान के पालन की दरकार
प्रेम परिवर्तन जैन ने कहा कि दिल्ली का मास्टर प्लान बहुत अच्छा है। केवल उसका पालन करने की जरूरत है। यदि सरकार ऐसा करे, तो किसी एनजीओ और पीपल बाबा को दिल्ली में पौधे लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। केवल दिल्ली के अतिक्रमण क्षेत्र खाली करा लिए जाएं तो सभी सूखी पट्टियां अपने आप हरी हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली को हरा करना चाहते हैं। इसके लिए सरकार से उन्हें किसी तरह की मदद नहीं चाहिए। सरकार केवल उन्हें जमीनें बता दे, वह उसे 3 साल के अंदर हरा भरा कर देंगे। वह स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्रों और आम लोगों के साथ मिलकर इस काम को अंजाम तक पहुंचाएंगे।
जन प्रतिनिधियों को आगे आने की जरूरत
स्वामी प्रेम परिवर्तन जैन ने कहा कि अब वह समय आ चुका है, जब आपका स्थानीय जन प्रतिनिधि यदि पर्यावरण संरक्षण की बात ना करे, तो उसे वोट देना बंद कर देना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आगे आकर देश के नागरिकों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करना चाहिए।