नजफगढ़ के गोयला डेयरी इलाके में सोमवार की रात कपिल सांगवान गिरोह के बदमाशों ने पार्टी की। पार्टी सरगना कपिल को पैरोल मिलने की खुशी में थी। इसमें दिल्ली पुलिस के जवान भी जाम टकराने के लिए पहुंचे।
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सूचना पर अपराध शाखा ने छापा मारा और सांगवान गिरोह के 15 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। अपराध शाखा ने पार्टी में शामिल 29 लोगों को हिरासत में ले रखा है और उनसे पूछताछ हो रही थी। मंगलवार शाम तक इन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया था।
पार्टी में कुछ महिलाएं और बदमाशों के परिजन भी थे। उन्हें मौके पर ही छोड़ दिया गया था। बताया जा रहा है कि पार्टी में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के दो जवान भी शामिल थे। हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। बदमाशों के कब्जे से भारी मात्रा में असलहा और कारतूस मिले हैं। दिल्ली पुलिस के इतिहास में इतनी बड़ी संख्या में बदमाशों की एक साथ यह पहली गिरफ्तारी है।
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अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि शाखा के इंस्पेक्टर पीसी खंडूरी की टीम को इस पार्टी की सूचना मिली थी। कपिल सांगवान को 20 जून को पैरोल मिली थी। वह भोंडसी जेल से में बंद था। जयपुर के एक केस में जयपुर कोर्ट में पेश होने के कारण कपिल सोमवार को जेल से बाहर आया।
पुलिस की दबिश के दौरान कपिल सांगवान पार्टी में नहीं था। एसीपी मनोज पंत की देखरेख में इंस्पेक्टर पीसी खंडूरी, एसआई दाताराम, एसआई राकेश और अरिवंद की विशेष टीम ने रात करीब 11.40 बजे पार्टी में दबिश दी और हथियारों के साथ मौजूद बदमाशों को गिरफ्तार किया। दबिश के दौरान एएसआई जयवीर चाकू लगने से घायल हुए।
पार्टी में कुल 54 लोग मौजूद थे। इनमें महिलाओं के अलावा बदमाशों के परिजन भी थे। पुलिस ने हथियारों के साथ पार्टी में शामिल 15 बदमाशों को गिरफ्तार किया। इन पर कई-कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पार्टी में शामिल 29 लोगों से पूछताछ की जा रही है। उन्हें हिरासत में रखा गया है। बदमाशों के कब्जे से नौ पिस्टल व 65 कारतूस बरामद किए गए हैं। इनमें छह पिस्टल 7.65 बोर की स्वचालित हैं। तीन .315 बोर की तमंचे जैसी पिस्टल हैं।
कपिल सांगवान नजफगढ़ एरिया का बदमाश है। उसके खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में हत्या, हत्या की कोशिश, जबरन वसूली, आर्म्स एक्ट समेत काफी मामले दर्ज हैं। सांगवान गिरोह की मंजीत महाल और नफे सिंह गिरोह से रंजिश है। ये गिरोह आपस में एक-दूसरे गैंग के कई बदमाशों की हत्या कर चुके हैं।
ये बदमाश चढ़े पुलिस के हत्थे
नजफगढ़, दिल्ली निवासी विनीत (28), वासुदेव (23), शाहबाद मोहमदपुर निवासी सचिन (22), राहुल (25), अभिषेक उर्फ चिंटू (23),सेक्टर-9 द्वारका निवासी सुरेंद्र कुमार (22), नजफगढ़ निवासी चिराग (22), नवीन (25), झज्जर, हरियाणा निवासी परमजीत (35), रोहित (23), वीपीओ लोवा खुर्द झज्जर हरियाणा निवासी दीपक (22), शक्ति नगर, बहादुरगढ़ हरियाणा निवासी प्रदीप सेहरावत (22), नवीन (22), मंगोलपुर कलां निवासी विक्की डागर (26) और निशांत डागर(27)। विनीत और वासुदेव पर एक्सटोर्शन व आर्म्स एक्ट, सचिन के खिलाफ चोट पहुंचाने व धमकी देने, राहुल के खिलाफ चोट पहुंचाने, सुरेंद्र कुमार के खिलाफ शांति भंग करने, चिराग के खिलाफ नाबालिग उम्र में हत्या करने, परमजीत के खिलाफ हत्या की कोशिश व आर्म्स एक्ट, प्रदीप सहरावत के खिलाफ वाहन चोरी, नवीन के खिलाफ रॉबरी, विक्की डागर के खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट, निशांत डागर के खिलाफ चोट पहुंचाने व धमकी देने, रोहित के खिलाफ आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। अभिषेक, नवीन और दीपक पहली बार पकड़े गए हैं।
एएसआई और सिपाही भी थे शामिल
अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार, बदमाशों की पार्टी में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का एक एएसआई और एक सिपाही भी मौजूद थे। दबिश के दौरान इन पुलिसकमियों को भी हिरासत में लेकर कार्यालय ले जाया गया था। बाद में पुलिसकर्मियों को छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि स्पेशल सेल भी बदमाशों के पीछे लगी हुई थी।