चूंकि किसान बड़ी संख्या में ट्रैक्टर पर मौजूद थे और उसी से टक्कर मार-मारकर बैरिकेडिंग तोडने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने यूपी की सीमा में पहले किसानों को खदेड़ा और अंदर घुसकर सभी ट्रैक्टर व किसानों के ट्रकों के पहियों की हवा निकाल दी। कुछ किसानों ने आंसू गैस के गोले वापस पुलिस पर फेंके, लेकिन पुलिस ने उन्हें उठाकर भीड़ की ओर फेंक दिया। पुलिस ने दावा किया है कि महज 20 गैस के गोले छोड़े गए। वहीं किसानों का कहना था पुलिस ने 100 से अधिक आंसू गैस के गोले छोड़े।
गाजीपुर बॅार्डर पर किसानों व पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प पर दिल्ली पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर सफाई दी। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि, किसान नेताओं को पहले ही धारा-144 की सूचना दे दी गई थी। इसके अलावा बार-बार लाउड स्पीकर पर लोगों से शांति बनाए रखने और आदेश का पालन करने का अनुरोध किया था। कहा जा रहा था कि उनके नेताओं और सरकार के बीच बात चल रही है वह शांति बनाए रखें, लेकिन कुछ किसान उग्र हो गए। इन लोगों ने बैरिकेडिंग तोडने की कोशिश के साथ पुलिस पर पथराव किया तो मजबूरन वाटर कैनन चलानी पड़ी। बाद में पुलिस ने कम से कम आंसू गैस का इस्तेमाल कर लोगों को हटा दिया। झड़प के दौरान एक एसीपी समेत सात पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं।