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Delhi: सीसीटीवी सिस्टम का पूरा नियंत्रण अब होगा दिल्ली पुलिस के हाथ, प्रभावी और एकीकृत संचालन की कोशिश

Sat, 22 Nov 2025 02:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा धनंजय मिश्रा, नई दिल्ली

सार

दिल्ली सरकार उन सभी सीसीटीवी कैमरों के संचालन और निगरानी प्रणाली का नियंत्रण पूरी तरह दिल्ली पुलिस को सौंपने की तैयारी में है, जिनका संचालन अभी तक लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के हाथों में है।
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सीसीटीवी कैमरा - फोटो : Freepik
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विस्तार
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राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दिल्ली सरकार उन सभी सीसीटीवी कैमरों के संचालन और निगरानी प्रणाली का नियंत्रण पूरी तरह दिल्ली पुलिस को सौंपने की तैयारी में है, जिनका संचालन अभी तक लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के हाथों में है। महिलाओं की सुरक्षा और अपराध पर त्वरित कार्रवाई को ध्यान में रखते हुए सरकार यह निर्णय ले रही है ताकि राजधानी में स्थापित लाखों कैमरों की निगरानी एकीकृत और अधिक प्रभावी हो सके।

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राजधानी में दो चरणों में लगभग 2.8 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिनकी लाइव फीड और रिकॉर्डिंग का नियंत्रण अभी पीडब्ल्यूडी के पास है। विभाग के केवल अधिकृत अधिकारी ही इन कैमरों की फीड देख सकते हैं। पुलिस को कैमरों की फुटेज तभी उपलब्ध होती है, जब किसी जांच या अपराध के मामले में पीडब्ल्यूडी से औपचारिक अनुरोध किया जाता है।

अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था के कारण कई बार पुलिस को जरूरी फुटेज मिलने में समय लगता है और तत्काल कार्रवाई व जांच प्रभावित होती है। सरकार की योजना है कि सीसीटीवी नेटवर्क का कंट्रोल, लाइव फीड, रिकॉर्डिंग, स्टोरेज और निगरानी पूरी तरह से दिल्ली पुलिस के पास स्थानांतरित किया जाए। इससे सुरक्षा निगरानी के लिए एक ही केंद्रीय एजेंसी जिम्मेदार होगी। पुलिस के पास पहले से ही अपराध रोकथाम, गश्त और शहरी सुरक्षा तंत्र है। सीसीटीवी सिस्टम जुड़ जाने पर कार्रवाई और मॉनिटरिंग दोनों अधिक तेज हो सकेगी।
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पीडब्ल्यूडी का कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर रखता है 30 दिनों का रिकॉर्ड
मौजूदा समय पीडब्ल्यूडी की ओर से संचालित कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर 30 दिनों तक लाइव फीड का रिकॉर्ड सुरक्षित रखता है। अधिकारियों का कहना है कि अब तक 12,000 से अधिक सीसीटीवी फुटेज पुलिस को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। कई मामलों में जांच एजेंसियों को वीडियो रिकॉर्डिंग समय पर न मिलने से कार्रवाई धीमी हुई है।

सुरक्षा घटनाओं में रियल-टाइम मॉनिटरिंग की क्षमता सीमित रहती है। इस कमी दूर करने के लिए सरकार नियंत्रण पुलिस को देना चाहती है ताकि घटनाओं पर तत्काल प्रतिक्रिया हो। सूत्रों का कहना है कि राजधानी में सीसीटीवी एक महत्वपूर्ण सुरक्षा स्तंभ बन चुका है। अपराध रोकथाम, महिला सुरक्षा, ट्रैफिक और संवेदनशील इलाकों की निगरानी के लिए केंद्रीकृत व्यवस्था बने।

7300 कैमरों जल्द होंगे स्थापित
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने विभाग को 7,300 कैमरे जल्द स्थापित करने और सीसीटीवी ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल को पूरी तरह अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को रखरखाव की जिम्मेदारी पहले से दी गई है जिसे दो वर्ष और बढ़ाने की योजना है।

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