रात के 11.15 व 11.30 बजे ऐसा समय नहीं है कि सड़कें सुनसान हो जाएं। महिपालपुर में एनएच-8 ऐसा व्यस्ततम नेशनल हाईवे है कि यहां रातभर वाहन दौड़ते रहते हैं। ऐसे में रात 11.15 बजे टैक्सी चालक से लूट व उसे घसीटने की वारदात ने दिल्ली पुलिस पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दूसरी तरफ इस वारदात के वीडियो सामने आए, तो पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए। वीडियो से पता लगा कि टैक्सी चालक को बेरहमी से घसीटा गया है। पुलिस ने वीडियो बनाने वाले युवक से पूछताछ की है।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पुलिस को रात 11.30 बजे पीसीआर कॉल मिली थी। टैक्सी चालक फरीदाबाद निवासी बिजेंदर का शव बीपीआरएनडी कार्यालय के पास सर्विस रोड पर पड़ा हुआ था। शरीर से काफी खून बह चुका था।
वसंत कुंज (नाॅर्थ) पुलिस इस मामले में शुरू में सड़क दुर्घटना व लापरवाही से हुई मौत का मामला दर्ज करने की कार्रवाई कर रही थी। जिस शख्स ने बिजेंदर को घसीटने का वीडियो बनाया है, वह कुछ पुलिस अधिकारियों को जानता है। वह पुलिस अधिकारियों के ग्रुप से जुड़ा हुआ है। उसने दोनों ही वीडियो ग्रुप में डाल दी थीं। इन पुलिस अधिकारियों ने ये वीडियो दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों को भेजीं। इसके बाद पुलिस की तफ्तीश घूमी। वारदात की हकीकत सामने आने के बाद जिले के पुलिस अधिकारियों में अफरातफरी मच गई और सभी मौके पर पहुंचने लगे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि चालक बिजेंदर जब टैक्सी से नीचे गिरा तो उसके सिर पर टैक्सी का पहिया चढ़ गया। इससे सिर कुचल गया था। सिर कई जगह से फट गया। इससे टैक्सी कुछ समय के लिए अनियंत्रित हो गई थी।
आरोपियों ने चार किमी के मार्ग का उठाया फायदा
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बदमाश बिजेंदर को घसीटते हुए ले जा रहे थे। बीपीएनआरडी कार्यालय के पास बिजेंदर टैक्सी से छिटकते गया और सर्विस रोड पर आकर गिर गया। पुलिस ने गुरुग्राम की तरफ जाने वाले एनएच-8 पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, मगर पुलिस को आगे कैमरों में टैक्सी जाती हुई दिखाई नहीं दी। इसके बाद पुलिस को लगा कि आरोपियों ने टैक्सी यू-टर्न लेकर दिल्ली की तरफ मोड़ ली। पुलिस ने दिल्ली की तरफ वाले कैरिज्वे पर लगे कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस जगह पर दोनों तरफ चार किमी तक कोई इमारत नहीं है। इस कारण सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। पुलिस कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
वीडियो वायरल हुआ तो हरकत में आई पुलिस
पुलिस वारदात को हादसा मान रही थी, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो हुए तो हरकत में आई। बिजेंदर के पीछे चल रही कार में मौजूद लोगों ने वारदात का वीडियो बना लिया था। जिग-जैग टैक्सी चला रहे बदमाश कभी ट्रक को ओवरटेक करते तो कभी उसकी रफ्तार कम कर लेते थे। वीडियो में टैक्सी के साथ घिसटते बिजेंदर को साफ देखा जा सकता है। पुलिस ने बताया कि मेहराज सलमानी के खिलाफ यूपी में चार व दिल्ली में दो जबकि आसिफ पर यूपी में सात व दिल्ली में दो मामले दर्ज हैं। कंझावला में शिकार बनी थी अंजलि : 31 दिसंबर, 2022 की रात कंझावला में भी ऐसी ही वारदात हुई थी। इसमें बदमाशों ने अंजलि नाम की युवती को 13 किमी तक घसीटा था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
खुद तो पढ़ न सका बिजेंदर, बेटी को बनाना चाहता था आईएएस
महज आठवीं कक्षा पास बिजेंदर को हमेशा मलाल रहता था कि वह खुद तो पढ़ नहीं सका, लेकिन अपने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर बड़ा आदमी जरूर बनाएगा। उसके इसी जुनून को बड़ी बेटी सुनीता हकीकत में बदलने जुटी थी, लेकिन सब मिट्टी में मिल गया। बिजेंदर का भाई यह कहकर फफक-फफककर रोने लगा।
बिजेंदर की मौत की खबर के बाद से ही घर में कोहराम मचा हुआ है। किसी को भी यकीन नहीं हो रहा कि वह अब इस दुनिया में नहीं रहा। परिजनों का कहना है कि बच्चों को पढ़ाने के चक्कर में बिजेंदर कई बार-बार 24-24 घंटे घर न आकर टैक्सी चलाता रहता था। उसकी मेहनत का ही नतीजा था कि उसकी बेटी ने 12वीं कक्षा में जिले में टॉप किया था।
बाद में वह दिल्ली आ गई और डीयू के देशबंधु कॉलेज में बीए हिस्ट्री ऑनर्स में दाखिला ले लिया। इसके बाद वह यूपीएससी की कोचिंग करने लगी। बिजेंदर बेटी को आईएएस अफसर बनाना चाहता था। पिता की मौत के बाद सुनीता का बुरा हाल है। सुनीता का कहना है कि अब उसके परिवार का क्या होगा। घर में अकेला बिजेंदर ही कमाने वाला था। एक परिजन ने बताया कि मूलरूप से मोतिहारी, बिहार के रहने वाला बिजेंदर वर्ष 1996 में कमाने के लिए दिल्ली आया था।
यहां आकर उसने ऑटो चलाना शुरू किया। बाद में 2001 में उसका विवाह सुगंधी देवी से हुआ। परिवार ने फरीदाबाद की सूर्या काॅलोनी स्थित मकान में किराये पर रहना शुरू कर दिया। बिजेंदर के यहां पांच बच्चों ने जन्म लिया। इसमें बड़ी बेटी सुनीता (20), बेटा आलोक (18), बेटी किरन (17), बेटी नंदनी (15) और छोटा बेटा आकाश (12) है। सुनीता को छोड़कर बाकी चारों बच्चे गांव में दादा लक्ष्मी शाह और दादी लालती देवी के पास रहते हैं। बच्चे वहीं रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। सुनीता को उच्च शिक्षा के लिए बिजेंदर दिल्ली ले आया था। खुद बिजेंदर चार भाई व एक बहन हैं।
कुछ माह पूर्व ही एक जानकार के नाम पर कैब फाइनेंस करवाई थी
दिल्ली के दल्लूपुरा में रहने वाले बिजेंदर के भाई नागेंद्र ने बताया कि मंगलवार दोपहर 2 बजे उसका भाई टैक्सी लेकर घर से निकला था। शाम करीब 7 बजे भाभी सुगंधी देवी ने बिजेंदर को सब्जी के पैसों के लिए कॉल की था। बिजेंदर ने ऑन लाइन 90 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। देर रात करीब 1.30 बजे पुलिसकर्मियों ने गांव में रहने वाले बिजेंदर के भाई रंजीत को कॉल कर उसके एक्सीडेंट की सूचना दी।
रंजीत ने दिल्ली में नागेंद्र को हादसे के बारे में बताया। इसके बाद परिवार को खबर दी गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया। परिजन शव को एंबुलेंस से मोतिहारी ले गए। नागेंद्र ने बताया कि कई साल ऑटो चलाने के बाद भाई वर्ष 2012 में कैब चलाने लगा। कुछ माह पूर्व ही उसने अपने एक जानकार के नाम पर कैब फाइनेंस करवाई थी।