दिल्ली पुलिस के अनुसार नकली सिक्के बनाने वाला मास्टरमाइंड नरेश कुमार इससे पहले भी कई बार पकड़ा जा चुका है। दिल्ली पुलिस ने पहले उसे 2016 में बवाना इलाके में ऐसी ही एक फैक्टरी चलाने के अपराध में पकड़ा था। इसके बाद हरियाणा पुलिस भी दो-दो बार नरेश कुमार को नकली सिक्के बनाने के कारण पकड़ चुकी है। मौजूदा समय में भी नरेश जमानत पर बाहर आया हुआ था और पिछले डेढ़ महीने से चार अलग अलग फैक्ट्रियों में नकली सिक्के बनवा रहा था।
अब तक 10 लाख के नकली सिक्के बनाए
पुलिस के अनुसार फैक्टरी से 10 रुपये के 10,112 नकली सिक्के बरामद किए गए। अब तक 10 लाख रुपये के नकली सिक्के यहां बन चुके हैं। करीब एक हजार वर्ग गज पर बने एक अलग कमरे में नकली सिक्के बनाए जा रहे थे। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है। फैक्ट्री में अधिकांश 20, 10 और 5 रुपये के नकली सिक्के बनाए जा रहे थे।
स्पेशल सेल ने नकली फैक्टरी का पर्दाफाश कर बहादुरगढ़ निवासी 48 वर्षीय नरेश कुमार को गिरफ्तार किया है। वह नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड है। इसके अलावा बिहार के मधुबनी बिहार निवासी संतोष कुमार मंडल (34), धर्मेन्द्र कुमार शर्मा (19), धर्मेन्द्र महतो (34) और श्रवण कुमार शर्मा (30) को गिरफ्तार किया है। पुलिस को सूचना थी कि अवैध तरीके से नकली सिक्के बनाए जा रहे हैं।
पुलिस को झांसा दे रहा था नरेश
22 अप्रैल को पुलिस ने टिकरी बॉर्डर से झड़ौदा कलां इलाके में नरेश कुमार को गिरफ्तार किया। उसके पास नकली सिक्के भी बरामद हुए। पूछताछ में नरेश काफी समय तक पुलिस को झांसा देता रहा लेकिन बाद में उसने चार फैक्टरी का खुलासा किया।
मुख्य आरोपी नरेश के पास से दस रुपए के 10,112 नकली सिक्के, फैक्टरी से बीस पैकेट (प्रति पैकेट में चार हजार सिक्के), 11,500 खुले सिक्के, इन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाली प्रेशर मशीन व इलेक्ट्रिक मोटर, डाई व अन्य सामान बरामद किया है। इसके अलावा 212 किलो डिस्क या टिक्की, 70 किलो अधूरे बने सिक्के, पैकेजिंग मैटेरियल, पॉलीथीन बैग आदि सामान भारी मात्रा में पुलिस को मिला है।