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नंदू गैंग पर बड़ा वार: नौ गुर्गे धरे, करोड़ों की संपत्ति जब्त, रेड कॉर्नर नोटिस जारी; कई चौंकाने वाले खुलासे

Wed, 01 Oct 2025 09:45 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दिल्ली पुलिस ने नंदू गैंग के खिलाफ मकोका के तहत बड़ी कार्रवाई की हैं। जिसमें 9 प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इस दौरान पुलिस ने अवैध हथियार, नकदी व संपत्ति जब्त की गई। ब्रिटेन फरार सरगना कपिल सांगवान उर्फ नंदू पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में संगठित अपराध पर कड़ा प्रहार करते हुए कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग व उसके गैंग के खिलाफ महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) के तहत बड़ी कार्रवाई की है। हाल के दिनों में द्वारका, पश्चिमी और बाहरी दिल्ली में फिरौती कॉल और गोलीबारी की घटनाएं बढऩे के बाद एंटी गैंग स्क्वॉड की टीम ने विशेष जांच कर गैंग के शूटर, मददगार और साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गैंग के अवैध रूप से अर्जित करोड़ों रुपये की संपत्ति व कैश के साथ हथियार भी बरामद किए हैं। पुलिस अब तक गिरोह के नौ बड़े सदस्यों को जेल भेज चुकी है। गिरोह सरगना कपिल सांगवान उर्फ नंदू पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर इंटरपोल की मदद से गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

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अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त सुरेंद्र सिंह ने बताया कि नजफगढ़ निवासी कपिल सांगवान उर्फ नंदू सेना के पूर्व कर्मचारी के बेटा हैं। बड़ा भाई ज्योति प्रकाश उर्फ बाबा पहले से हत्या और फिरौती मामलों में जेल में बंद है। नंदू ने बदला लेने की भावना से अपराध की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे संगठित गिरोह तैयार किया। 2015 में अपने रिश्तेदार की हत्या का बदला लेने के लिए नंदू ने गुहमनहेड़ा गांव में हरिकिशन की हत्या कराई। इसके बाद 2016 में कई गैंगवार में शामिल होकर हत्या, लूट और हथियारबंद हमले किए। 2017 में गिरफ्तारी के बाद 2019 में पैरोल पर बाहर आकर वह फरार हो गया और अब तक ब्रिटेन से गिरोह चला रहा है।

कई राज्यों में कारोबारियों को बनाया निशाना
पिछले कुछ साल में नंदू गैंग ने रंगदारी वसूलने के लिए दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में कारोबारियों को निशाना बनाया। द्वारका, उत्तम नगर, बिंदापुर, काकरोला, मोहन गार्डन समेत कई जगहों पर फायरिंग कर कारोबारी वर्ग में खौफ फैलाया गया। खासकर 2021 से 2024 के बीच गाडिय़ोंं में सवार शूटरों ने जेडीएम बिल्डर्स, गगन भारती स्कूल, तिलक नगर की मिठाई की दुकान और संपत्ति विवाद वाले कई ठिकानों पर गोलियां बरसाईं। पंचकुला में प्रतिद्वंद्वी गैंग के तीन सदस्यों की हत्या तक कर दी गई।

पुलिस की गहरी जांच नौ बड़े गुर्गे दबोचे, संपत्तियों पर शिकंजा
उपायुक्त हर्ष इंदौरा व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मंगेश कश्यप की देखरेख में पुलिस टीमों ने महीनों तक गिरोह के नेटवर्क, पैसों के स्रोत और शूटर्स की पहचान पर काम किया। अब तक रितिक उर्फ पीटर, रोहित शर्मा उर्फ अन्ना, सचिन चिक्कारा, ज्योति प्रकाश उर्फ बाबा, विजय गहलोत, साहिल उर्फ पोली, विकास गहलोत, अमरदीप लोचाब समेत नौ प्रमुख दस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। ये सभी हत्या, रंगदारी और हथियारबंद हमलों के कई मामलों में शामिल रहे हैं। पुलिस ने इनके ठिकानों से अवैध पिस्टल, लाखों की नकदी और उगाही के पैसे के लेन-देन के सुबूत भी जब्त किए हैं।

राजनीतिक कनेक्शन भी उजागर
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह को स्थानीय स्तर पर कुछ प्रभावशाली लोगों का सहयोग मिला। नजफगढ़ और द्वारका इलाके में प्रॉपर्टी विवाद सुलझाने के नाम पर पैसे वसूलने में कुछ नेताओं की भूमिका भी जांच के दायरे में है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक ऑडियो क्लिप ने भी इस नेटवर्क की पोल खोली है।

आर्थिक जाल और विदेशी ठिकाना
पुलिस की जांच से पता चला है कि गिरोह ने रंगदारी, जमीन विवाद सुलझाने और कारोबारी वर्ग को धमकाकर करोड़ों रुपये कमाए। यह पैसा हवाला के जरिए बाहर भेजा गया और हथियार व शूटरों की देखरेख में खर्च हुआ। कपिल सांगवान उर्फ नंदू फिलहाल ब्रिटेन में छिपा है और वहीं से अपने गुर्गों को मोबाइल व इंटरनेट कॉलिंग एप्स से निर्देश देता है।

यह कार्रवाई संगठित अपराध के खिलाफ बड़ा कदम है। मकोका के तहत केस दर्ज होने से गिरोह की आर्थिक कमर तोडऩे में मदद मिलेगी। पुलिस अब नंदू के विदेश में जमा संपत्तियों का भी पता लगा रही है ताकि उसके नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

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