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दिल्ली हिंसा को लेकर कई नेताओं से हो सकती है पूछताछ, मौजूदा सांसद समेत कई रडार पर

Thu, 12 Mar 2020 01:53 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सूत्रों के अनुसार, शाहीन बाग के प्रदर्शन के दौरान 120.5 करोड़ रुपये ऐसी 73 बैंक शाखाओं में जमा कराए गए थे, जिनका संचालन प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर पीएफआई के हाथ में है। अधिकांश खातों में नकद जमा कराया गया है।
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दिल्ली हिंसा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली हिंसा की जांच कर रही स्पेशल सेल अब कई राजनेताओं से पूछताछ कर सकती है। इसके लिए पुलिस पुख्ता सबूत जुटा रही है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि एक राजनीतिक पार्टी के मौजूदा सांसद और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के अध्यक्ष मोहम्मद परवेज अहमद के बीच कई बार बातचीत हुई है।

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पुलिस के अनुसार, उक्त सांसद की निजी बैठक के अलावा फोन कॉल और व्हाट्सएप पर भी बातचीत हुई है। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली हिंसा से पहले और उसके दौरान भी इन लोगों के बीच संपर्क होने की बात सामने आई है। इसके अलावा एक राष्ट्रीय पार्टी के पूर्व सांसद और दूसरे कई नेताओं का नाम भी मोहम्मद परवेज अहमद के साथ जुड़ता दिख रहा है।

आने वाले दिनों में दिल्ली पुलिस ऐसे सभी नेताओं को पूछताछ के लिए समन भेजने की तैयारी कर रही है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुरुवार सुबह पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के अध्यक्ष मोहम्मद परवेज अहमद और सचिव इलियास को गिरफ्तार किया है।
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इन दोनों की गिरफ्तारी शाहीन बाग में चल रहे विरोध प्रदर्शन को उकसाने और कई तरह की मदद पहुंचाने एवं भड़काऊ सामग्री का प्रसार करने के चलते हुई है। जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर पीएफआई के जरिए शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों को फंड मुहैया कराया गया है।
 

पुलिस ने इन दोनों आरोपियों से पहले पीएफआई के एक अन्य सदस्य दानिश अली को भी गिरफ्तार किया था। अली पर आरोप है कि वह शाहीन बाग के प्रदर्शन में खाना और पैसे बांटने की जिम्मेदारी संभाले हुए था। पीएफआई के साथ संबंधों को लेकर आप के मौजूदा सांसद और कांग्रेस पार्टी के पूर्व सांसद एवं कई दूसरे नेताओं का नाम बताया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, शाहीन बाग के प्रदर्शन के दौरान 120.5 करोड़ रुपये ऐसी 73 बैंक शाखाओं में जमा कराए गए थे, जिनका संचालन प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर पीएफआई के हाथ में है। अधिकांश खातों में नकद जमा कराया गया है।

जांच में यह बात भी सामने आई है कि जो कैश जमा हुआ है, उसका एक तिहाई हिस्सा पीएफआई के शाहीन बाग स्थित मुख्यालय में रखा गया था। साथ ही, पीएफआई के मोहम्मद परवेज अहमद, भीम आर्मी टॉप-100 जैसे व्हाट्सएप ग्रुप से भी जुड़े रहे हैं।

 

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