दक्षिण-पूर्व जिले के निजामुद्दीन थाने में प्रसिद्ध वकील महमूद प्राचा व अन्य के खिलाफ मामला किया गया है। उनके खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने व पुलिस टीम के साथ अभद्र व्यवहार करने का मामला(एफआईआर नंबर-395/20) दर्ज किया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। वकील महमूद प्राचा के कार्यालय में स्पेशल सेल का सर्च ऑपरेशन करीब 15 घंटे चला था। दक्षिण-पूर्व जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की ओर से दी गई शिकायत में कहा गया है कि स्पेशल सेल की टीम गुरुवार को सर्च ऑपरेशन लेकर सुप्रीम कोर्ट के वकील महमूद प्राचार के कार्यालय में छापेमारी करने पहुंची थी। वकील प्राचा व कार्यालय में मौजूद अन्य लोगों ने पुलिस के साथ सहयोग नहीं किया और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया।
स्पेशल सेल ने इस बारे में शुक्रवार को सफाई देते हुए कहा कि वकील महमूद प्राचा और जावेद के दफ्तर पर की गई छापेमारी कोर्ट के आदेश पर की गई थी। 15 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम के साथ स्वतंत्र गवाह वर्दी में पुलिसकर्मी और महिला पुलिसकर्मी समेत डीसीपी मनीषी चंद्रा आदि अधिकारी मौजूद थे। छापेमारी की वीडियोग्राफी की गई है।
क्या है मामला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में एक दंगा पीड़ित को गलत बयान देने को कहा गया था। हलफनामा जिस नोटरी के नाम पर बनाया गया उनकी तीन साल पहले 2017 में मौत हो चुकी है। उसकी पत्नी वकील है। नोटरी को दिल्ली सरकार द्वारा नोटरी का लाइसेंस मिला हुआ था। कोर्ट में बहस के दौरान इसकी पोल खुल गई। नोटरी की पत्नी ने कोर्ट में बयान दिया कि उनके पति की मौत हो चुकी है। उसने कोई हलफनामा नहीं बनाया है।
इस पर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव को स्पेशल सेल व अपराध शाखा को इस मामले में मामला दर्ज जांच करने के आदेश दिए। कोर्ट के निर्देश पर 22 अगस्त,20 को स्पेशल सेल ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
स्पेशल सेल ने यमुना विहार स्थित जावेद अली और निजामुद्दीन स्थित महमूद प्राचा के कार्यालय में गुरुवार को छापेमारी की। सर्च वारंट देखने के बाद जावेद अली ने पुलिस टीम को जांच में सहयोग किया। पुलिस ने वहां से हार्ड डिस्क की कॉपी ली। साथ ही महमूद प्राचा ने जांच में पुलिस का सहयोग नहीं किया। पुलिस के पूछने पर भी वकील प्राचा ने कंप्यूटर व उसके पासवर्ड के बारे में नहीं बताया। पुलिस कर्मियों ने कंप्यूटर व लैपटॉप आदि को खंगाला। आरोप है कि वहां अन्य लोगों को बुला लिया गया था। स्पेशल सेल की ओर से गुरुवार रात को ही निजामुद्दीन थाने में शिकायत दी गई थी।