दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर दो मादक पदाथ तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 232 किलो पार्टी ड्रग्स बरामद की गई है। अंतराष्ट्रीय बाजार में बरामद ड्रग्स की कीमत करीब 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। एक आरोपी के पिता की इंग्लैंड में दवाईयों की दुकान है। पिता इस दुकान की आड़ में ही इग्लैंड में पार्टी ड्रग्स बेचता था।
स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार इंस्पेक्टर तिलकचंद बिष्ट व एसआई अशोक त्यागी को सूचना मिली थी कि पार्टी ड्रग्स सप्लाई करने वाला गिरोह दिल्ली में सक्रिय है। इस गिरोह के सदस्य भारत में विभिन्न हिस्सों से ड्रग्स खरीदता है। जांच में ये भी पता लगा कि पुनीत अरोड़ा ने ड्रग्स की बड़ी खेप खरीदी है। विनोद कुमार इस ड्रग्स को लेगा और पैकिंग कर बाहर निर्यात करेगा।
एसीपी संजय दत्त की देखरेख में इंस्पेक्टर तिलक चंद बिष्ट और पवन कुमार की टीम ने मटियाला गांव के पास घेराबंदी कर उत्तम नगर निवासी विनोद कुमार(44) और सेक्टर-55, गुरुग्राम, हरियाणा निवासी पुनीत अरोड़ा(42) को पकड़ लिया। इनके कब्जे से 76 किलो ड्रग्स बरामद की गई। इसके अलावा 32.8 किलो ट्रामाडोल कैप्सूल और 123.3 ट्रामाडोल टेबलेट बरामद की गई।
पुनीत अरोड़ा ने पूछताछ में बताया कि उसके पिता प्रवीण अरोड़ा उर्फ नरेश दुआ की बमघम, यूके में आयुर्वेदिक दवाईयों की दुकान है। इस दुकान की आड़ में उसके पिता ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम आदि ड्रग्स की गोलियां व कैप्सूल बेचता था। उसका पिता पब व नाइट क्लब में भी सप्लाई करता था। उसके पिता उसे ये ड्रग्स सप्लाई करने के लिए प्रोत्साहित करता था।
ड्रग्स को पंतजलि प्रोडक्स के साथ इग्लैंड भेजा जाता है। उसके पिता ने बताया कि वह चार-पांच वर्ष से विनोद कुमार को जानता है। वह कोरियर कंपनी के रूप में काम करता था। फर्रखानगर, गुरुग्राम निवासी विनोद कुमार महिपालपुर में कोरियर ब्वॉय के रूप में काम करता था। इस दौरान उसे कस्टम क्लीयरेंस की जानकारी हो गई। साथ ही कस्टम एजेंट से जान-पहचान हो गई। बाद में ये पुनीत अरोड़ा के संपर्क में आया। वह पंतजलि प्रोडक्स के साथ ड्रग्स को पैक कर प्रवीण अरोड़ा को भेजता था।