स्पेशल सेल ने हनी ट्रैप में फंसाकर लोगों से करोड़ों रुपये वसूलने वाले गिरोह के दो सदस्यों नूर मजहर और महेंद्र को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ नौ लोगों ने अब तक शिकायत दे रखी है। पुलिस गिरोह में शामिल एक महिला समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
पुलिस उपायुक्त पीएस कुशवाहा ने बताया कि गत वर्ष अक्तूबर में दक्षिण दिल्ली के एक डॉक्टर ने जामिया थाने में हनी ट्रैप में फंसाकर 20 लाख की उगाही की शिकायत दी थी। शिकायत में बताया कि अक्तूबर में उनके पास एक महिला इलाज कराने के बहाने से आई। युवती ने खुद को खाड़ी देश का बताया।
इसके बाद वह कई बार अपनी स्वास्थ्य समस्या को लेकर डॉक्टर के पास आती रही। इस दौरान दोनों की जान-पहचान हो गई। अक्तूबर में ही एक दिन महिला ने तबियत ठीक नहीं होने की बात कहकर डॉक्टर को घर बुला लिया। आरोप है कि महिला ने जूस में नशीला पदार्थ मिलकर डॉक्टर को पिला दिया। डॉक्टर के बेहोश होने के बाद महिला ने उसके साथ आपत्तिजनक वीडियो बना लिया।
घटना के दो दिन बाद नूर मजहर नामक शख्स ने डॉक्टर को वीडियो बनाने की बात कहकर उससे 20 लाख रुपये मांगे। रुपये नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इस मामले में गिरफ्तारी नहीं होने पर सभी आरोपियों पर 20 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया।
स्पेशल सेल के एसीपी अतर सिंह व निरीक्षक ईश्वर सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित कर मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस को मूलरूप से बिजनौर (यूपी) निवासी नूर मजहर के नेहरू प्लेस में आने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने गुरुवार को दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके सहयोगी सुखदेव विहार निवासी महेंद्र को अगले दिन गिरफ्तार किया।
सेट टॉप बॉक्स में लगाते थे गुप्त कैमरा
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका गैंग एक साल से सक्रिय है। गैंग का सरगना जहांगीर है। गिरोह में एक महिला समेत पांच लोग हैं, जिसमें तीन अभी फरार हैं। उसने बताया कि लोगों को घर बुलाने के बाद सेट टॉप बॉक्स में लगे गुप्त कैमरे से वीडियो बनाते थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कैमरे बरामद कर लिए हैं। गिरोह के सदस्य किराये पर मकान लेकर घटना को अंजाम देते थे।