दिल्ली पुलिस के जवान और अफसर अब यहीं के होटलों में ठहरेंगे। कुछ जिलों में जवानों को होटलों में ठहरना शुरू भी कर दिया गया है। विभिन्न थानों व यूनिटों में तैनात अफसर और जवान एनसीआर में स्थित अपने घर नहीं जा सकेंगे। दिल्ली की कानून-व्यवस्था संभालने व कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे पहले, पुलिसकर्मी अपने घरों को जा रहे होते थे तो पड़ोसी राज्यों की पुलिस उन्हें रोक लेती थी। इससे कई बार दो राज्यों की पुलिस आमने-सामने आ गई थी।
दिल्ली पुलिस में ऐसे कर्मी काफी संख्या में हैं, जो एनसीआर यानी पड़ोसी राज्यों में रहते हैं। वे ड्यूटी के लिए हर रोज अप-डाउन करते हैं। इनकी तादाद कई हजार बताई जाती है। अब अधिकारियों का फरमान है कि पड़ोसी राज्यों में रहने वाले और हर रोज ड्यूटी करने जवान अपने घर नहीं जाएंगे। ये पुलिसकर्मी या तो थाने में रहेंगे या फिर इलाके के किसी होटल में।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि इन पुलिसकर्मियों के हर रोज एनसीआर में स्थित अपने घर जाने से उनके परिवार को कोरोना संक्रमण का खतरा है। इधर, इन कर्मियों को भी कोरोना से सुरक्षित रखना जरूरी है। काफी पुलिसकर्मियों को 10-10 दिन के रेस्ट पर भेजने के कारण थानों में जवानों की काफी कमी है। थानों में पहले से ही स्टाफ की कमी है। ऐसे में इन पुलिसकर्मियों को पुलिस थानों में रोका गया है। जहां थानों में जगह नहीं है, उनको होटलों में ठहराया जा रहा है।
दक्षिण-पश्चिमी, दक्षिणी व दक्षिण-पूर्व जिले में तैनात पुलिसकर्मियों को होटलों में ठहराना शुरू कर दिया गया है। सबसे बड़ी परेशानी यह आ रही थी कि पुलिसकर्मियों के हर रोज आने-जाने से दो राज्यों की पुलिस आमने-सामने हो रही थी। ड्यूटी पूरी कर दिल्ली के पुलिसकर्मी अपने घर जा रहे होते थे तो बॉर्डर पर उन्हें पड़ोसी राज्यों की पुलिस रोक लेती थी। उन्हें आगे नहीं जाने दिया जा रहा था। ऐसे में दिल्ली पुलिस के जवानों को 100 नंबर पर पीसीआर को कॉल करनी पड़ी। पीसीआर को इस तरह की कॉल काफी संख्या में मिल रही थीं।