नई दिल्ली के कनॉट प्लेस के इनर सर्किल में रविवार आधी रात को सैकड़ों महिलाएं सड़क पर उतरने को मजबूर हो गईं। जिस दिल्ली में महिलाएं दिन के उजाले में भी निकलने से कतराती हैं वहां आधी रात को इतनी संख्या में महिलाओं को देखने वाले भी हैरान थे। आगे तस्वीरों में जानिए क्यों वो हुईं सड़क पर उतरने को मजबूर... (सभी फोटोः विवेक निगम)
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- फोटो : विवेक निगम
रविवार आधी रात को यूनाइटेड सिस्टर फाउंडेशन और नई दिल्ली जिला पुलिस की ओर से ‘द फियरलैस रन’ नामक एक दौड़ का आयोजन हुआ जिसमें महिलाओं ने बिना डरे दौड़ लगाई। इसमें संयुक्त आयुक् अजय चौधरी के अलावा एसिट अटैक पीड़िता लक्ष्मी अग्रवाल वे कई अन्य लोग मौजूद रहे। आधी रात को करीब पांच किलोमीटर दूरी की इस पिंकाथन दौड़ में लगभग 200 महिलाओं ने भयमुक्त होकर हिस्सा लिया।
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- फोटो : विवेक निगम
दौड़ के आयोजकों का कहना था इस कार्यक्रम का आयोजन महिलाओं में असुरक्षा की भावना को समाप्त उनके विश्वास को बढ़ाना था। दौड़ के आयोजन से निश्चय ही महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा। संयुक्त आयुक्त अजय चौधरी ने बताया कि आधी रात को दौड़ आयोजित करने का मकसद महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाना था। महिलाओं को लेकर हमें अपनी मानसिकता बदलना होगी।
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- फोटो : विवेक निगम
देश की राजधानी में आधा रात को महिलाएं घर से निकलने के बारे में कई बार सोचती हैं। उसके लिए हम खुद कहीं न कहीं इसके लिए जिम्मेेदार है। महिलाएं क्या पहनती हैं, कब और कहां निकलती हैं, इसके लिए हमें अपनी सोच को बदलना होगा। महिलाओं से यही डर निकालने के लिए दौड़ का आयोजन किया गया। दौड़ के माध्यम से संदेश देने का प्रयास किया गया कि महिलाएं निडर हैं और अब वह बिना डरे आधी रात को भी दौड़ सकती है।
पिंकाथन में कई जानी मानी हस्तियां, दिल्ली पुलिस की महिला पुलिसकर्मी व अन्य लोगों ने दौड़ में हिस्सा लिया। दौड़ का आयोजन राजीव चौक मेट्रो स्टेशन गेट नंबर-6 से शुरू होकर इनर सर्किल के दो चक्कर लगाए गए। देर रात करीब 12.30 बजे तक दौड़ चली।