दिल्ली पुलिस की पीसीआर में तैनात पुलिसकर्मियों का मानवीय चेहरा सामने आया है। पुलिस ने बिछुड़े दो बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाया। वहीं एक गर्भवती महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस उपायुक्त शंकर चौधरी ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे पीसीआर वैन एलएनजेपी अस्पताल के गेट संख्या तीन पर मौजूद थी। इसी दौरान वैन में तैनात पुलिसकर्मियों ने जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर एक तीन साल के बच्चे को रोते हुए देखा। पीसीआर कर्मियों ने तुरंत बच्चे को साथ लेकर उसके परिजनों की तलाश शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने लाउडस्पीकर के जरिए बच्चे के खोने की जानकारी देनी शुरू कर दी। इसी बीच सोनिया विहार निवासी रेखा वहां पहुंची और बच्चे की पहचान अपने बेटे के रूप में की। रेखा ने बताया कि वह सास के साथ अस्पताल आई थी। इसी दौरान बच्चा वहां से लापता हो गया। स्थानीय पुलिस की मदद से कानूनी कार्रवाई करने के बाद बच्चे को रेखा के हवाले कर दिया गया।
दूसरी घटना में शाहदरा स्थित केंद्रीय विद्यालय के पास पीसीआर कर्मियों ने दो साल की बच्ची को अकेले देखा। बच्ची को कब्जे में करने के बाद पीसीआर कर्मियों ने उसे शाहदरा थाना पुलिस के हवाले कर दिया। कुछ देर बाद रेखा नाम की एक महिला बच्ची के गायब होने की शिकायत करने थाने पहुंची। जहां उसने अपनी बच्ची को देखा।
तीसरी घटना में राधे स्वामी सत्संग गेट संख्या पांच के पास तैनात पीसीआर कर्मियों को तत्काल चिकित्सा सहायता के बाबत सूचना मिली। सूचना मिलते ही पीसीआर कर्मी उक्त मकान पर पहुंचे। जहां उनकी मुलाकात पूजा नाम की महिला से हुई। उसने बताया कि उसकी भाभी को प्रसव पीड़ा हो रहा है। हड़ताल होने की वजह से उन्हें कोई एंबुलेंस नहीं मिल रही है। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए गर्भवती महिला को अस्पताल में भर्ती कराया।