सरकारी नौकरी के साथ शिक्षित भारत के सपनों को साकार करना उनका शौक है। गांव-गांव घूमकर लाइब्रेरी ऑन व्हील के माध्यम से बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं। कभी वे मेंटोर की भूमिका में दिखाई पड़ते हैं तो कभी शिक्षक बनकर बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने की कोशिश करते हैं। हम बात कर रहे है सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट राकेश ''''निखज'''' की।
जज्बात ऐसे कि अपने सरकारी काम-काज में से ही थोड़ा सा वक्त निकाल कर गरीब बच्चों की पढ़ाई व्यवस्थित करने में जुट जाते है। इतना ही नहीं खेल प्रतियोगिता कराकर वह खेलो इंडिया की सोच को भी बढ़ा रहे है। नौकरी के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा का ध्यान रखना आसान नहीं होता, लेकिन राकेश देश की सेवा करने के साथ ही इसे भी अपनी प्राथमिकता मानते हैं। उनका मानना है कि शिक्षा ही वह साधन है, जो बच्चों के भविष्य को संवारने में मदद कर सकता है। विकसित भारत की सोच भी इसी पर टिकी है कि देश के युवा पूरी उर्जा के साथ अपने-अपने क्षेत्र में परचम लहराएं। उनका यह भी मानना है कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में सहयोग और मार्गदर्शन बच्चों को लिए अहम है। उनके लिए एक समर्पित लाइब्रेरी की आवश्यकता को ध्यान में रख वह लाइब्रेरी की सुविधा भी दे रहे है।
ताकि खेल खेल में बच्चों में देशभक्ति का जज्बा भर सके
राकेश निखज मुखर्जी नगर में रहते है। इन दिनों उनकी पोस्टिंग जयपुर में है। उन्हें जब भी छुट्टी मिलती है वह गोपालपुर स्थित झुग्गी के बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें पढ़ाई और खेल के प्रति मोटिवेट करते है। उनकी कोशिश रहती है कि पंद्रह अगस्त उन्हीं बच्चों के बीच मनाएं। ताकि खेल खेल में बच्चों में देशभक्ति का जज्बा भर सके। बकौल निखज अभी तक एक दर्जन से अधिक जगहों पर लाइब्रेरी लगा चुके है। विदेश में पढ़ाई करने वाली अलीशा वहां फंड एकत्रित करती है और उसे वह भारत में लाइब्रेरी की सुविधा देने के लिए खर्च करते है। उपेक्षित वर्ग को मुख्यधारा में लाने की सोच से वह इस कार्य को नौकरी के साथ करते है।
सीएपीएफ की तैयारी करने वालों का मॉक इंटरव्यू करते है संचालित
देशभक्ति का भी जज्बा भी कम नहीं है। जिस परीक्षा की तैयारी करके निखज डिप्टी कमांडेंट बने है उस परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को भी प्रोत्साहित करते है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैयारी करने वालों के लिए मुफ्त ऑनलाइन मॉक इंटरव्यू संचालित करते है। उन्हें बताते है कि मुख्य परीक्षा की तैयारी करने के बाद इंटरव्यू बोर्ड के सामने कैसे अपने आप को प्रस्तुत करना है। क्या क्या सवाल उनसे पूछे जा सकते है। पैरामिलिट्री फोर्स परीक्षा, जिसमें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सीमा सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल शामिल है, में हिस्सा लेने वाले बच्चों को गाइड करते है। जब बच्चे इस फोर्स के लिए चयनित हो जाते है तो उनको सम्मानित भी करते हैं।