अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पंकज कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि नरेन्द्र गिरोह के दो सदस्य भलस्वा झील के पास लूट की वारदात को अंजाम देने आने वाले हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। उनके मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी परवेश ने खुलासा किया कि वह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी योगेश उर्फ सचिन से अवैध रूप से 30-35 हजार रुपये में पिस्तौल और 10 हजार में देसी कट्टे खरीदता था और इनकी आपूर्ति नरेंद्र गिरोह के सदस्यों को करता था और खुद भी दिल्ली में लूटपाट के लिए इनका इस्तेमाल करता था।
दोनों आरोपियों के पास से एक अर्द्ध स्वचालित पिस्तौल, एक देसी कट्टा और चार कारतूस बरामद किए गए हैं। इस संबंध में अपराध शाखा थाने में शस्त्र कानून की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले की जांच जारी है। आरोपी परवेश के खिलाफ दिल्ली और उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में सात मामले दर्ज हैं। वहीं, रणधीर के खिलाफ दिल्ली के विभिन्न थानों में चोरी, झपटमारी और शस्त्र कानून के आठ मामले दर्ज हैं। मूल रूप से जिला हरदोई, निवासी परवेश उर्फ मो. दानिश बेरोजगार होने और खराब आर्थिक के कारण चोरी, झपटमारी और लूटपाट जैसे कई तरह के अपराध करने लगा।