देश में ट्रिपल तलाक पर कानून बनने के बाद राजधानी में शुक्रवार को तीन तलाक का पहला मामला दर्ज किया गया। बाड़ा हिंदूराव इलाके में 30 वर्षीय महिला ने अपने पति पर तीन तलाक देकर घर से निकालने का आरोप लगाया है।
पीड़िता का आरोप है कि तलाक देने के बाद उसके भाई के व्हाट्सऐप नंबर पर तलाक हो जाने का फतवा भेज दिया गया। आरोप है कि ससुराल वालों ने उसका सामान यहां तक कि महर भी नहीं दिया।
परेशान होकर महिला ने पुलिस में शिकायत दी। उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त नूपुर प्रयाद ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर 4 ऑफ द मुस्लिम वूमेन (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरेज) एक्ट-2019 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी पति आतिर शमीम को गिरफ्तार कर लिया गया।
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उत्तरी जिला पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। पीड़िता ने अपने व बच्चे के खर्चे की मांग की है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित महिला (30) परिवार के साथ डी-14, वजीराबाद अपने मायके में रहती है।
उसकी शादी 24 नवंबर, 2011 को नया मोहल्ला, पुल बंगश, आजाद मार्केट निवासी आतिर शमीम से हुई थी। महिला का आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद ही उसे दहेज के लिए परेशान किया जाने लगा।
इस बीच 23 जून, 2013 को उसने एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद भी उसकी परेशानी कम नहीं हुई। सास और जेठानी उसे छोटी-छोटी बातों पर पीटने लगीं। आतिर और उसका परिवार कारोबार में हुआ घाटा पूरा करने के लिए उसके पिता से रुपये लाने की बात करता था।
महिला ने बताया कि 23 जून, 2019 को आतिर के परिवार ने उसे पत्नी को तलाक देने का जोर दिया। वह अपने ससुराल में मौजूद थी, उसी दौरान पति आतिर उसके कमरे में पहुंचा और तीन तलाक बोलकर उसे घर से निकाल दिया।
पीड़िता का आरोप है कि उसे एक जोड़ी कपड़े भी नहीं ले जाने दिए गए। तलाक देने के बाद उसे जबरन इद्दत करने के लिए जोर दिया गया। तलाक होने की पुष्टि कराने के लिए पति आतिर ने उसके भाई के व्हाट्सऐप नंबर पर फतवा भेज दिया। परेशान होकर पीड़िता ने मामले की शिकायत बाड़ा हिंदूराव थाना पुलिस से की। छानबीन के बाद पुलिस ने शुक्रवार को मामला दर्ज कर पति को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल आरोपी को कोर्ट ने जमानत दे दी है।