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जितनी पिएंगे शराब, जुर्माना भी उसी हिसाब से जनाब

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विदेशी तर्ज पर देश में शराब पीकर वाहन चलाने के मामले में पी गई शराब की मात्रा के हिसाब से जुर्माना लगाया जा सकता है। अभी एक समान दो हजार रुपये तक जुर्माना व 6 महीने तक की सजा का प्रावधान है।
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अब खून में पाई जाने वाली मात्रा के हिसाब से अधिकतम एक साल तक सजा और 10 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रस्ताव दिल्ली सरकार ने सड़क सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बनाई गई विशेष समिति को भेजा है। अभी अमेरिका, फ्रांस व इग्लैंड समेत तमाम देशों में ऐसे प्रावधान हैं।

दिल्ली सरकार ने प्रस्ताव में यह भी कहा है कि पीकर गाड़ी चलाने के मामलों में चालान अधिकारी को मौके पर वसूली का अधिकार देने के लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा में बदलाव किया जाए। बार-बार शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़े जाने पर लाइसेंस के साथ-साथ वाहन रजिस्ट्रेशन निलंबन व रद्द करने का प्रावधान हो।
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सुप्रीम कोर्ट की समिति ने 10 राज्यों से सड़क सुरक्षा को लेकर सुझाव मांगे थे। प्रस्ताव में न सिर्फ शराब पीकर वाहन चलाने के मामले में बल्कि वाहन चलाते समय मोबाइल इस्तेमाल, बिना सीट बेल्ट व बिना हेलमेट, बिना इंश्योरेंस, बिना लाइसेंस वाहन चलाने के मामले में भी जुर्माना बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है।

सरकार ने कहा है कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 177 में किए जाने वाले चालान में जुर्माना 100 रुपये होता है, जिसकी चालक परवाह नहीं करते, इसलिए इसे बढ़ाया जाना चाहिए।
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इस तरह होगा चालान

•30-80 एमजी प्रति 100 एमएल खून - 2000 रुपये जुर्माना या 6 महीने की सजा
•81-150 एमजी प्रति 100 एमएल खून - 5000 रुपये जुर्माना या 6 महीने की सजा या दोनों एकसाथ
•150 एमजी प्रति 100 एमएल खून - एक साल तक की सजा या 10 हजार रुपये जुर्माना
•तीन साल के भीतर दूसरी बार उतनी ही मात्रा में पीकर पकड़े जाने पर छह महीने की सजा को एक साल तक बढ़ाने के साथ 5000 की जुर्माना राशि 10 हजार तक बढ़ सकती है।

पीयूसी दिखाने पर ही एक दिसंबर से मिलेगा डीजल-पेट्रोल
दिल्ली के पेट्रोल पम्प पर एक दिसंबर से प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) दिखाए बिना डीजल पेट्रोल नहीं मिलेगा। दिल्ली सरकार इसे पूरी तरह से लागू करने की तैयारी कर रही है।

मुख्य सचिव दीपक मोहन स्पोलिया ने बुधवार को संबंधित विभाग की बैठक ली, जिसमें पर्यावरण, परिवहन और खाद्य-आपूर्ति विभाग को पीयूसी अनिवार्यता लागू करने का काम तेज करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को कहा है कि ट्रैफिक पुलिस केसाथ तालमेल करें।
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