द्वारका सेक्टर-23 इलाके में हनीट्रैप के एक मामले में पुलिस ने दिल्ली पुलिस की पूर्व सिपाही व उसकी प्रेमिका को गिरफ्तार किया है। दोनों ने अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर एक कारोबारी को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उससे 15 लाख रुपये का सोना हड़प लिया था। जनवरी माह में हुई वारदात के बाद से लगातार पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। पुलिस ने अब दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इनके तीसरे साथी की तलाश की तलाश कर रही है।
पुलिस के मुताबिक एक जानकारी के जरिये दिसंबर 2018 में पीड़ित कारोबारी की मुलाकात करीब 27 वर्षीय युवती से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई तो अक्सर दोनों बातचीत करने लगे। आरोप है कि जनवरी माह में युवती ने कारोबारी को मिलने के लिए एक फ्लैट पर बुलाया। दोनों वहां बैठकर बातचीत करने लगे। इसी दौरान फ्लैट में दो लोग जबरन घुस गए।
दोनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर कारोबारी को गलत काम करनेे के लिए धमकाने और थाने चलने के लिए कहा। कारोबारी बुरी तरह डर गया। आरोपियों ने कारोबारी को गिरफ्तारी का डर दिखाया। बाद में आरोपी मामले को सैटल करने की बात करने लगे।
आरोपियों ने कारोबारी से पंद्रह लाख रुपये की मांग की। पीड़ित कारोबारी इसके लिए तैयार हो गया। पीड़ित द्वारका की दुकान पर दोनों को ले गया। वहां से दोनों को पंद्रह लाख रुपये के सोने के सिक्के उनको दे दिए।
बाद में आरोपी वहां से चले गए। इधर पीड़ित ने बाद में मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। इधर पुलिस ने लड़की का मोबाइल को टेक्नीकल सर्विलांस पर लगाकर उस पर नजर रखना शुरू कर दी।
लंबी छानबीन के बाद पुलिस ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस के पूर्व सिपाही चंद्रहंस को गिरफ्तार कर लिया। बाद में रविवार को उसकी आरोपी युवती जो चंद्रहंस की प्रेमिका है, उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। इन लोगों ने मिलकर कारोबारी को हनीट्रैप में फंसाकर उससे रुपये एंठे थे। पुलिस इनके तीसरे साथी की तलाश कर रही है।