अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराकर बसाने वाले गिरोह का खुलासा
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारत की सीमा में प्रवेश कराकर उनको बसाने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में गैंग लीडर समेत 6 बांग्लादेशी नागरिकों के अलावा फर्जी दस्तावेज तैयार कराने, इनके रहने, नौकरी लगवाने वाले तमाम इंतजाम करवाने वाले 5 भारतीय नागरिकों को भी गिरफ्तार किया है। गिरोह पश्चिम बंगाल और मेघालय समेत देश की दूसरी सीमाओं से बांग्लादेशी नागरिकों को अपने एजेंट के जरिए भारत की सीमा में प्रवेश करवाते थे।
इसके बाद उनको दिल्ली के अलावा देश के दूसरे शहरों में भेजकर फर्जी कागजातों के आधार पर इनके आधार समेत दूसरे दस्तावेज तैयार करवा देते थे। इसके बाद यह लोग बड़ी आसानी से भारत में रहते थे। यहां यह लोग छोटे-मोटे काम करते थे। गिरोह इनको काम दिलवाने में मदद करने के अलावा भारत की सरकारी योजनाओं की सब्सिडी भी दिलवाने में मदद करते थे। पुलिस ने गिरोह सरगना चांद मियां (18) की निशानदेही पर 18 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़कर उनको एफआरआरओ की मदद से डिपोर्ट किया है। इसके अलावा गिरोह की निशानदेही पर चेन्नई से दो अलग-अलग ममलों में 33 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
ऐसे हुआ गिरोह का खुलासा
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त रवि कुमार ने बताया कि 12 मार्च 2025 को उनकी टीम को खबर मिली कि पहाड़ी नंबर-2, तैमूर नगर, न्यू फ्रेंड्स कालोनी में एक बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहा है। पुलिस ने असलम उर्फ मासूम (25) को एरिया से गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की। आरोपी ने बताया कि वह बांग्लादेश का रहने वाला है। टीम ने उसके पास से भारत का आधार कार्ड और बांग्लादेशी आईडी बरामद की। जांच में पता चला कि आरोपी सब्सिडी भी ले रहा था। पुलिस ने न्यू फ्रेंड्स कालोनी थाने में उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। असलम से पूछताछ के बाद पुलिस को गिरोह सरगना चांद मियां का पता चला। इसके बाद एक-एक कर पांच और बांग्लादेशी नागरिकों को दबोच लिया गया। इनसे पूछताछ के दौरान अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी मिली।
गिरफ्तार आरोपी
असलम उर्फ मासूम, मो. अली हुसैन, मो. मीजान, फातिमा अफरोज, रादिश मुल्ला, हरिनगर आश्रम, दिल्ली निवासी मो. अनीस, तैमूर नगर दिल्ली निवासी राजन कुमार यादव, ओल्ट जसोला गांव निवासी रहीसुद्दीन अली, फरीदाबाद निवासी शब्बीर तथा असम निवासी लुकमान अली।