फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली: अशुतोष रांका और सौरव दास की बढ़ीं मुश्किलें? पुलिस ने ट्रेसपासिंग केस क्राइम ब्रांच को सौंपा

Mon, 19 Oct 2026 10:45 PM IST
विकास कुमार एएनआई, दिल्ली

सार

कोकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं अशुतोष रांका और सौरव दास से जुड़े कथित अनधिकृत प्रवेश (ट्रेसपासिंग) के मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।
विज्ञापन
अशुतोष रांका और सौरव दास - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं अशुतोष रांका और सौरव दास से जुड़े कथित अनधिकृत प्रवेश (ट्रेसपासिंग) के मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले की आगे की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी।

विज्ञापन


फिलहाल मामले को क्राइम ब्रांच में स्थानांतरित किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, कथित घटना की परिस्थितियों, आरोपों और जांच के अगले चरण को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

Trending Videos

क्या है पूरा विवाद?
जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद भी सीजेपी के नेताओं ने वहां विरोध प्रदर्शन किया था। आशुतोष रांका, सौरव दास और पार्टी के अन्य कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पार कर अंदर पहुंचे और तिरंगा लहराते हुए नारेबाजी की थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। 

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के बाद बढ़ा विवाद
विवाद उस समय बढ़ा, जब दिल्ली पुलिस ने 12 अक्तूबर को जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल की सूची से हटा दिया। अधिकारियों ने प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान जैसे वैकल्पिक स्थान तय किए। सीजेपी ने इस फैसले पर आपत्ति जताई और जंतर-मंतर पर ही प्रदर्शन करने की मांग की। पार्टी ने पुलिस को प्रदर्शन की तारीख तय करने के लिए समय भी दिया था। 
विज्ञापन

पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए दोनों
सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) अदालत ने सोमवार को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजते हुए तिहाड़ जेल भेजने के आदेश दिए हैं। इन दोनों नेताओं पर पहले से तय बेल बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। वहीं दूसरी ओर, इसी मामले में शामिल तीसरे नेता अजिंक्य शिंदे को राहत देते हुए अदालत ने उनसे नया बेल बॉन्ड भरवाकर प्रक्रिया पूरी की है।   
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें