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Crime News: खाड़ी देशों में नौकरी का झांसा देकर 1000 लोगों को ठगा...बड़े शहरों में बनाए थे दफ्तर, सात गिरफ्तार

Mon, 23 Oct 2023 04:25 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

पुलिस ने गैंग सरगना समेत सात लोगों को दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों में बी.टेक इंजीनियर समेत दो सगे भाई भी शामिल हैं। आरोपी दिल्ली, नोएडा, बिहार समेत दूसरे इलाकों में दफ्तर बनाए हुए थे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खाड़ी देशों और मलयेशिया समेत दूसरे मुल्कों में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का अपराध शाखा ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में गैंग सरगना और उसके भाई समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग देशभर के 1000 से ज्यादा लोगों से छह करोड़ से ज्यादा की ठगी कर चुके हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गैंग सरगना इनामुल हक अंसारी (32), इसका छोटा भाई इकराम मुजफ्फर (19), ताबिश हासमी उर्फ विक्रांत (26), मो. तबरेज आलम (26), तारिक शम्स (26), महेश कुमार (28) और सोमनाथ कुमार (26) के रूप में हुई है। पकड़े गए ज्यादातर आरोपी बिहार के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं।

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आरोपी तारिक शम्स बिट्स भोपाल से बीटेक पास है, इसके अलावा गैंग सरगना ने भी बीटेक में दाखिला लेकर इंजीनियरिंग बीच में ही छोड़ दी थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से पीड़ितों के 110 पासपोर्ट, वारदात में इस्तेमाल आठ लैपटॉप, 12 मोबाइल फोन और भारी मात्रा में अन्य सामान बरामद किया है। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शेल कंपनियां बनाई हुई थीं। इनमें ठगी की रकम मंगाई जाती थी। इसके अलावा इन लोगों ने नौकरी डॉट कॉम जैसी कई दूसरी वेबसाइट पर खुद को रजिस्टर्ड कराया हुआ था। सोशल मीडिया के जरिये आरोपी विज्ञापन देखकर बेरोजगार लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।

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ऐसे हुआ ठगी का मामला दर्ज
अपराध शाखा को विशेष आयुक्त रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि पिछले दिनों उनके पास कुछ शिकायतें आई थीं। सोशल मीडिया के जरिये कुछ लोगों ने विज्ञापन देखकर खाड़ी देशों और मलयेशिया समेत दूसरे मुल्कों में नौकरी के लिए आवेदन दिया था। इसके बाद इनके पास महिपालपुर स्थित 'न्यू विजन इंटरप्राइजेज कंपनी' से कॉल और ई-मेल आया। बातचीत के बाद उनको नौकरी का भरोसा दिलाया गया। बाद में उनसे विजा, मेडिकल चेकअप और समेत दूसरे कामों के लिए 60 हजार रुपये लेकर उनके कागजात भी जमा कर लिये गए। इसके बाद आरोपियों ने अपने-अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिये। शिकायतें मिलने के बाद अपराध शाखा ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।

ऐसे पकड़े गए आरोपी
रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि ज्यादातर शिकायतकर्ता केरल से थे। छानबीन के बाद एसीपी प्रभात कुमार सिन्हा, इंस्पेक्टर विरेंद्र सिंह व अन्यों की टीम का गठन किया गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, टेक्निकल सर्विलांस के अलावा दूसरे मीडिया प्लेटफॉर्म की जांच के बाद आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस की टीम ने मुख्य आरोपी इनामुल हक अंसारी को जामिया नगर के जाकिर नगर से दबोच लिया। बाद में बाकी आरोपियों को दिल्ली के दूसरे इलाकों से एक-एक कर दबोच लिया। पूछताछ के दौरान इनामुल हक ने बताया कि वह पिछले छह सालों से लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठग रहा था।

ऐसे दिया जाता था वारदात को अंजाम
आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शेल कंपनियां बनाने के अलावा बैंक खाते खुलवाए हुए थे। सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखने के बाद आरोपी इनको कॉल करते थे। इनके दफ्तर में बैठे टेलीकॉलर वर्क परमिट के नाम पर इनसे 60 हजार रुपये की डिमांड करते थे। रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवाने के बाद कई खातों में घुमाकर उनको निकाल लिया जाता था। इनामुल मुख्य आरोपी है, वह गैंग को लीड करता था। ताबिश इनामुल का करीबी है और टेलीकॉलर का काम करता है। तबरेज सैलरी पर टेलीकॉलर का काम करता है। तारिक शम्स टीम को टेक्निकल सपोर्ट देता था। इकराम इनामुल का सगा भाई है वह इनकी मदद करता था। महेश और सोमनाथ खुद को अलग-अलग कंपनी के मालिक बताते थे।
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इस नाम से यहां बनाया हुआ था ऑफिस
. स्काई नेट मोती नगर, दिल्ली-2018
. वर्ल्ड डेस्टिनेशन, तैमूर नगर, न्यू फ्रेंड्स कालोनी, दिल्ली-2019
. इल्मा इंटरप्राइजेज, दरभंगा, बिहार-2020
. अफेयर्स इंटरप्राइजेज, कीर्ति नगर, दिल्ली-2021
. न्यू विजन इंटरप्राइजेज, महिपालपुर, दिल्ली-2022
. लाइफ लॉन्ग ट्रैवल, सेक्टर-3, नोएडा-2023
. आरवी इंटरप्राइजेज, द्वारका, दिल्ली-2023
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