अभिनेत्री बन जाल में फंसाया
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि दोषी मनोज उर्फ अर्जुन 2005 के नांगलोई थाने के एक सनसनीखेज अपहरण-सह-हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है और पैरोल जंपर है। मनोज जितेंद्र उर्फ गगी गैंग का सदस्य रहा है और कुख्यात गैंगस्टर दीपक उर्फ तितर का करीबी सहयोगी है। वह वर्तमान में मकोका और तिहाड़ जेल परिसर में प्रतिद्वंद्वी गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या सहित कई जघन्य मामलों में बंद है। एक खास रणनीति अपनाते हुए अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों ने भगोड़े गैंगस्टर को जाल में फंसाने के लिए मुंबई स्थित अभिनेत्री रूप में एक फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाई थी। महीनों की बातचीत के बाद आखिरकार आरोपी को दक्षिण दिल्ली इलाके सफदरजंग एन्क्लेव इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।
ऐसे अपराध की दुनिया में उतरा
मूलरूप से हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले का रहने वाला मनोज कुमार उर्फ अर्जुन का परिवार 1990 के दशक में दिल्ली आ गया और नांगलोई इलाके में रहने लगा। उसने अपने दोस्त चमनलाल के साथ नांगलोई में अपना कारोबार शुरू किया, जिसकी राहुल नाम के एक व्यक्ति से पुरानी दुश्मनी थी। 2005 में उन्होंने राहुल का अपहरण कर लिया और फिरौती न देने पर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में उसे दोषी ठहराया गया और 2013 में ट्रायल कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
तिहाड़ में हुई मुलाकात
तिहाड़ जेल में रहने के दौरान वह गोगी गिरोह के सक्रिय सदस्य विक्की रमजानपुर के संपर्क में आया। दोनों करीबी दोस्त बन गए। एक अन्य गैंगस्टर दीपक डबास उर्फ तितर भी जेल में उनसे मिलने आता था और गोगी गिरोह के मामलों की पैरवी करता था। 2014 में मनोज एक महीने की पैरोल पर जेल से बाहर आया, लेकिन उसने सरेंडर नहीं किया और फरार हो गया। इसके बाद वह दीपक उर्फ तितर के जरिए गोगी गैंग में शामिल हो गया।