दिल्ली के गोविंदपुरी थाने में तैनात सिपाही किरणपाल सिंह की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। किरणपाल सिंह की हत्या आरोपियों ने मोबाइल चेक करने पर की थी। तीनों आरोपी जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे थे।
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गोविंदपुरी की गली नंबर-13 के सामने किरण पाल ने तीनों को तड़के करीब 4:15 बजे रोक दिया। किरणपाल ने मुख्य आरोपी राघव उर्फ रॉकी से मोबाइल ले लिया और चेक करने लगा। रॉकी बार-बार फोन मांग रहा था। किरणपाल ने चेक करने के बाद ही मोबाइल देने की बात कही थी।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पुलिस की गिरफ्त में मौजूद कृष व दीपक ने खुलासा किया है कि बार-बार फोन मांगने पर सिपाही ने फोन नहीं दिया तो रॉकी ने आपा खो दिया। इस बात पर झगड़ा हो गया।
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दीपक व कृष ने सिपाही को पकड़ लिया और रॉकी ने चाकू निकालकर सिपाही पर कई वार कर दिए। एक वार सिपाही के सीने में हुआ तो वह बेसुध होकर गिर गया। आरोपी सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए। पुलिस सबसे पहले कृष के घर पहुंच गई।
तीनों ई-रिक्शा चलाने वाले देवा उर्फ देबू की जन्मदिन पार्टी में गए थे। पार्टी में बीयर, शराब व नॉनवेज था। देर रात पार्टी खत्म होने के बाद तीनों गोविंदपुरी की गली नंबर-1 की तरफ सिगरेट पीने गए थे। यहां पर दुकान बंद होने के कारण सिगरेट नहीं मिली। इसके बाद अपने-अपने घर लौट रहे थे।
सिपाही का हुआ अंतिम संस्कार
थाना अहार क्षेत्र के गांव सिहालीनागर निवासी दिल्ली पुलिस के सिपाही किरणपाल का रविवार को अंतिम संस्कार कर दिया। गांव में शव पहुंचते ही शोक की लहर छा गई। दिल्ली पुलिस के जवानों ने किरणपाल को सलामी दी।
गांव सिहालीनागर निवासी 28 वर्षीय किरणपाल पुत्र द्वारका सिंह सन 2018 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे। इस समय उनकी दिल्ली के गोविंदपुरी थाने में तैनाती थी। डयूटी के दौरान पेट्रोलिंग करते समय चाकू से गोद कर उनकी हत्या कर दी गई थी। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार देर रात किरणपाल का शव गांव लाया गया तो पूरे गांव में कोहराम मच गया।
गमगीन माहौल में रविवार सुबह करीब दस बजे अवंतिका देवी गंगा घाट पर किरणपाल का अंतिम संस्कार किया गया। किरणपाल के बड़े भाई सोनू ने मुखाग्नि दी। परिजनों के मुताबिक किरणपाल ने छह महीने पहले ही गाजियाबाद के छपरौला में रहने के लिए एक मकान खरीदा था।
इंस्टाग्राम पर चाकू लहराते फोटो डाली थी
आरोपी इंस्टाग्राम समेत सोशल मीडिया पर गैंगस्टरों से काफी प्रभावित थे। आरोपी इनके जैसा बनना चाहते थे। सोशल मीडिया पर रील बनाकर डालते थे। दीपक के इंस्टाग्राम पर 40 हजार से ज्यादा फॉलोअर हैं। मुठभेड़ में मारे गए रॉकी ने चाकू के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो डाला था। हालांकि, सिपाही की हत्या के बाद उसने वीडियो हटा दिया था। रॉकी जब नाबालिग था तो उस पर एक आपराधिक मामला दर्ज था।