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नए साल पर दिल्ली पुलिसकर्मियों को सोगात, बीमा कवर बढ़ा, 40 से अधिक उम्र के कर्मियों की चिकित्सा जांच अनिवार्य 

Sat, 02 Jan 2021 04:42 PM IST
Mohit Mudgal पीटीआई, नई दिल्ली
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पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने शनिवार को पुलिसकर्मियों के बीमा कवर बढ़ाने की घोषणा की है। प्राकृतिक और दुर्घटना से होने के साथ-साथ आत्महत्या के मामलों में भी पुलिसकर्मियों का बीमा कवर बढ़ाया जाएगा। 

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नव वर्ष के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि 40 साल की उम्र से ऊपर भी पुलिसकर्मियों को अनिवार्य चिकित्सा जांच से गुजरेंगे ताकि किसी भी बीमारी का समय पर निदान और उपचार किया जा सके। 

श्रीवास्तव ने कहा कि बीता साल चुनौतीपूर्ण था और पुलिसकर्मियों को कोरोना वायरस के कारण अधिक मानसिक और शारीरिक दबाव से गुजरना पड़ा। 

एसएन श्रीवास्तव ने एक बयान में कहा कि फ्रंटलाइन योद्धा होने के कारण 7612 पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित हुए। उनमें से 7424 कर्मियों ने स्वस्थ होकर दोबारा ड्यूटी शुरू की। मगर फिर भी हमने कोरोना महामारी के कारण अपने 32 साथियों को खो दिया। 
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इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने प्राकृतिक मौतों के कारण 231, दुर्घटना के कारण 44 और आत्महत्या के कारण 14 साथियों को खो दिया। इससे पता चलता है कि पुलिस कर्मी को गंभीर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है। इसका ध्यान रखना आवश्यक है। 

इस बात को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि 40 वर्ष की उम्र से ऊपर सभी पुलिसकर्मियों को अनिवार्य चिकित्सा जांच से गुजरना होगा। ताकि किसी भी बीमारी का समय पर निदान और उपचार किया जा सके। 

यह पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य का स्तर बढ़ाएगा। पुलिसकर्मियों की शारीरिक दक्षता बनाए रखने के लिए गंभीर विचार-विमर्श किया जा राह है। इस दिशा में पहले से ही पुलिस कॉलोनियों में सात कल्याण केंद्र खोले गए हैं। यहां चिकित्सा परामर्श के लिए एलोपैथिक और आयुर्वेदिक डॉक्टरों की भी व्यवस्था है। 

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक मौतों के लिए बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 28 लाख रुपये कर दिया गया है। जबकि दुर्घटना से होने वाली मौतों का कवर 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 78 लाख रुपये कर दिया गया है। 

एसएन श्रीवास्तव ने कहा कि कोई भी परिवार आर्थिक मामलों में मुआवजा नहीं चाहता है, लेकिन फिर भी आत्महत्या के मामलों में भी परिवार को 10 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। 

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